
यह मोहन यादव की परीक्षा है : इंदौर दूषित जल मामले पर उमा भारती का सख्त बयान
INDORE: इंदौर में गंदा और जहरीला पानी पीने से हुई मौतों को लेकर मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने बेहद कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस पूरे मामले को प्रदेश, सरकार और व्यवस्था के लिए शर्मनाक बताते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने इसे नेतृत्व और जवाबदेही की सबसे बड़ी परीक्षा करार दिया है। उनका यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर सामने आया है, जिसने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।
▪️उमा भारती का सीधा आरोप
▫️उमा भारती ने कहा कि- वर्ष 2025 के अंत में इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों ने पूरे प्रदेश और सरकार को कलंकित किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह घटना केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता को उजागर करती है।” उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि प्रदेश का सबसे स्वच्छ शहर होने का पुरस्कार पाने वाला इंदौर आखिर इतनी बदसूरती, गंदगी और जहर मिले पानी की स्थिति तक कैसे पहुंच गया, जहां वह पानी लोगों की जिंदगियां निगलता चला गया और मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता रहा।
▪️इस पाप का प्रायश्चित जरूरी
▫️पूर्व मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दी जा रही सहायता राशि पर भी गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी इंसान की जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं हो सकती, क्योंकि उनके परिजन जीवन भर असहनीय दुख के साथ जीने को मजबूर हो जाते हैं। उमा भारती ने इस पूरे मामले को पाप बताते हुए कहा कि इसका घोर प्रायश्चित होना चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने, जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और नीचे से लेकर ऊपर तक सभी दोषियों को अधिकतम दंड देने की मांग की।
▪️मोहन यादव के लिए संदेश
▫️अपने बयान के सबसे निर्णायक हिस्से में उमा भारती ने कहा कि यह मोहन यादव के लिए परीक्षा की घड़ी है। उनका इशारा साफ था कि इस मामले में सरकार का रुख और कार्रवाई ही यह तय करेगी कि प्रदेश में शासन की जवाबदेही कितनी मजबूत है।
1. साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं।
2. प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और…— Uma Bharti (@umasribharti) January 2, 2026
अपनी X पोस्ट पर उमा भारती ने कहा इंदौर दूषित पानी के मामले में यह कौन कह रहा है कि हमारी चली नहीं.जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे ? ऐसे पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता या तो प्रायश्चित या दंड!
1. साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं।
2. प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और…— Uma Bharti (@umasribharti) January 2, 2026
अपनी अगली X पोस्ट पर उन्होंने कहा कि सिर्फ इंदौर के मेयर नहीं, मध्य प्रदेश का शासन एवं प्रशासन, इस महापाप के सभी जिम्मेदार लोग जनता के प्रति अपराध के कटघरे में खड़े हैं।
1. सिर्फ इंदौर के मेयर नहीं, मध्य प्रदेश का शासन एवं प्रशासन, इस महापाप के सभी जिम्मेवार लोग जनता के प्रति अपराध के कटघरे में खड़े हैं।
2. मेरी 'X' पर प्रतिक्रिया के बाद मीडिया के पत्रकार भाई बहनों से नहीं मिल पाने के लिए क्षमा मांगती हूं, अभी 3 दिन पहले मेरी दाईं आंख की सर्जरी…
— Uma Bharti (@umasribharti) January 2, 2026
*▪️राजनीतिक महत्व*
▫️उमा भारती का यह वक्तव्य इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह सत्ताधारी दल के भीतर से आया हुआ सख्त और सार्वजनिक संदेश है। इस बयान के बाद सरकार पर नैतिक और राजनीतिक दबाव और बढ़ गया है कि वह इस मामले में केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित न रहे।





