यह हिंसक सियासत शर्मशार करने वाली है…
कौशल किशोर चतुर्वेदी
दिल्ली के एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अर्धनग्न प्रदर्शन किया था। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की थी। इसके बाद बीजेपी की तरफ से कांग्रेस पर देश की छवि खराब करने का आरोप लगाया गया था।। कांग्रेस द्वारा
एआई समिट में किए गए प्रदर्शन के विरोध में 21 फरवरी 2026 को भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा जिले-जिले में प्रदर्शन कर कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया गया , जहां उनकी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से झड़प हुई है। यह झड़प कई जिलों में हिंसक घटनाओं में तब्दील हो गई। और भाजपा-कांग्रेस के युवा नेताओं, कार्यकर्ताओं का खून बह गया। वास्तव में देखा जाए तो
यह हिंसक सियासत शर्मसार करने वाली है। जब लोकतंत्र 21वीं सदी में 75 साल पूरे कर चुका है और संविधान की दोहाई देने में कोई भी दल पीछे नहीं है, तब ऐसे में सियासत में खून का बहना संविधान का अपमान करता नजर आ रहा है। युवा कार्यकर्ताओं द्वारा संविधान की ऐसी उपेक्षा सियासी भविष्य के निराशा के बादलों में डूबने का संकेत है। और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में शुमार भारत में युवा सियासी चेहरों से ऐसी उम्मीद कतई नहीं की जा सकती है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने इंदौर में कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन घेरने की घोषणा की थी। लेकिन वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी विरोध स्वरूप एकत्र होकर उनका सामना किया। भाजपा का जुलूस आते ही पत्थरबाजी शुरू कर दी। जवाब में भाजपा के लोगों ने उनके पत्थर उठाकर उनको वापस मारे। पानी की बोतल और टमाटर भी फेंके। दोनों पक्षों के छह लोगों सहित एक मीडियाकर्मी और एक पुलिस अधिकारी को चोटें आई हैं। पूर्व विधायक और कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष कांग्रेस विपिन वानखेड़े घायल हो गए। कॉंग्रेस द्वारा की गई पत्थरबाजी से भाजपा की महिला कार्यकर्ता बिंदु चौहान घायल हो गई। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का सियासी माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया, जब कांग्रेस प्रदेश कार्यालय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। शिवाजी नगर स्थित कांग्रेस मुख्यालय में भाजपा कार्यकर्ताओं के घुसने और तोड़फोड़ करने के बाद दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। यह राजनीतिक विरोध देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। दोनों ओर से हुए पथराव में भारी नुकसान हुआ है। इस हिंसा में भाजयुमो के जिला मंत्री मोहित अग्निहोत्री की नाक की हड्डी टूट गई है। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) गोपिल कोतवाल के सिर पर गंभीर चोट आई है, जिसके चलते उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। घटना में दोनों दलों के लगभग आधा दर्जन अन्य कार्यकर्ता भी घायल हुए हैं। पूरे प्रदेश में विरोध हुआ और प्रदर्शन हुए।
हिंसा के लिए भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। कानून अपना काम करेगा और उस पर फिर राजनैतिक प्रतिक्रियाएँ आती रहेंगी। पर सही बात यह है कि इस तरह पथराव या सियासी हिंसा का लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है। और सबसे पहली सीख युवा कार्यकर्ताओं को लेने की जरूरत है। यही देश का भविष्य हैं। कल देश की बागडोर इनके ही हाथों में जाने वाली है। यदि संविधान का सम्मान रखना है और लोकतंत्र की मर्यादा बनाये रखनी है तो सभी राजनीतिक दलों को ऐसी सियासत से बचना होगा जो हिंसा की राह पर ले जाती हो। वास्तव में यह हिंसक सियासत शर्मशार करने वाली है…।
लेखक के बारे में –
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।





