
जमीन विवाद में मार-पीट करने वाले 3 आरोपियों को 5-5 वर्ष की सजा, 1 आरोपी बरी!
Ratlam : सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव ने जमीन पर निकलने के रास्ते पर मोरम डालने की बात को लेकर हुए विवाद मेंक्षमारपीट करने वाले 3 आरोपियों को 5-5 वर्ष की सजा सुनाते हुए 1 अभियुक्त अशोक को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। प्रकरण में शासन की और से पैरवी कर रहें अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि राकेश मोगिया और उसके काका के बीच रास्ते का विवाद होने पर पटवारी द्वारा बताए रास्ते पर ट्रेक्टर से मुरम डलवाकर वह 28-जून-20 को अपने घर आया था और उसके समधी और साला धारासिंह भी घर आए थे।
उसी समय रात्रि के लगभग 9:30 बजे प्रभुलाल, अशोक और दिलीप ने मां-बहन की गालियां दी थी गालियां देने से मना करने पर प्रभुलाल और दिलीप ने उसे जान से मारने की नीयत से लकड़ी से बाएं पैर में, दोनों हाथ में और मुंह में मारा था और गोवर्धन को दिलीप ने लोहे के पाईप से दोनों पैर, सिर और गर्दन पर मारा था उसी समय अशोक दौड़कर आया था और संजय दायमा को दोनों पैरों में, हाथों में चाकू जैसी किसी वस्तु से मारा था। मनीष ने धारासिंह को लकडी से मारा था जिससे उसके दाहिने पैर, सिर और दोनों हाथ में चोट लगी। फरियादी राकेश की पत्नी भागवंता बाई, फेक्ट्री का चौकीदार दिनेश और उसके पिता मुंशीलाल ने आकर बीच-बचाव किया था। उन्होंने जाते-जाते जान से मारने की धमकी भी दी थी। मारपीट के पश्चात् उन्हें उपचार हेतु जिला चिकित्सालय रतलाम में भर्ती कराया।
और इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी तथा घायलों का मेडिकल और एक्स-रे परीक्षण कराया गया था। थाना बिलपांक में अभियुक्तों के विरूद्ध अपराध धारा 294, 307 और 506 भारतीय दंड संहिता की दर्ज कर घायलों के बयान दर्ज किए गए थे। घटना स्थल से खून लगी मिट्टी जप्त की गई व अभियुक्तगण को गिरफ्तार कर घटना में उपयोग कि गई लकड़ी, चाकू जप्त किए गए। पुलिस थाना बिलपांक द्वारा आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोगपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था जिस पर सुनवाई पूर्ण कर सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश रतलाम राजेश नामदेव 3 अभियुक्तगणों प्रभुलाल (65) पिता शोभाराम मोगिया, दिलीप (45) पिता शंभुलाल मोगिया, मनीष (37) पिता प्रभुलाल मोगिया सभी निवासी ग्राम रामपुरिया पुलिस थाना-बिलपांक को 5-5 वर्ष की सजा व 18 हजार रूपए के जुर्माने से दंडित किया गया व एक अभियुक्त अशोक को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। न्यायालय ने जुर्माने की 18 हजार रुपए की राशि में से 4-4 हजार रूपए घायल राकेश व धारासिंह को तथा 9 हजार रूपए आहत गोवर्धन को देने का भी आदेश दिया। प्रकरण में शासन की और से पैरवी अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने की!





