
विरासतों को बचाना है तो भविष्य को बताना होगा – प्रख्यात पुरातत्व विद्वान एवं इतिहासकार श्री पाण्डेय
विबोध प्रीस्कूल के बच्चों ने पुरातत्व संग्रहालय भ्रमण किया
मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट
मन्दसौर। छोटे छोटे बच्चों में बड़ी जिज्ञासा होती है और उसके बारे में सही जानकारी दी जाए तो जीवन में उपयोगी सिद्ध होती है इसी कड़ी में अभिनन्दन नगर स्थित विबोध प्रीस्कूल के स्कूली बच्चों से संवाद करते हुए राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त पुरातत्व विद्वान एवं इतिहासकार श्री कैलाश चन्द्र पाण्डेय ने शनिवार को मंदसौर के यशोधर्मन पुरातत्व संग्रहालय भ्रमण करने पहुंचे बच्चों एवं स्टाफ को जानकारी दी।

उत्साहित बच्चों ने पुरातत्व संग्रहालय विजिट में गुप्त कालीन, परमार कालीन, पिछली शताब्दियों से संरक्षित और संग्रहित प्रतिमाओं को देखा और जिज्ञासा के साथ सवाल भी किए।

शिक्षाविद एवं पुरावेत्ता श्री पाण्डेय ने स्वयं स्कूली बच्चों को संग्रहालय में स्थापित प्रतिमाओं से रूबरू कराया।

बच्चों ने देवी देवताओं की मूर्तियों के साथ गणेश, पार्वती, शिव, हनुमान, विष्णु, महावीर आदि प्रतिमाओं को पहचाना और प्रश्न पूछे, इनके साथ संग्रहालय के पूर्व सहायक संग्रहाध्यक्ष श्री जगदीश प्रसाद शर्मा ने भी अपनी जानकारी बच्चों एवं स्टॉफ को दी।
श्री पाण्डेय ने सन्तोष व्यक्त किया कि विबोध प्रीस्कूल का यह अभिनंदनीय प्रयास है क्योंकि हमारे देश की संस्कृति और विरासतों को बचाना है तो नन्हे मुन्नों जो हमारा भविष्य है को बताना ही होगा। देखेंगे तो जानेंगे और जानेंगे तभी समझेंगे।
बच्चों और युवाओं को इतिहास , पुरातत्व और संस्कृति के माध्यम से देश के प्रति मजबूती से जोड़ा जा सकता है।

इस मौके पर श्री शर्मा ने बताया कि 1997 में तत्कालीन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री डॉ विजय लक्ष्मी साधो ने संग्रहालय का लोकार्पण किया, सुरक्षित और खंडित सदियों के कालखंड को प्रदर्शित करती प्रतिमाएं इतिहास बताती है जो महत्वपूर्ण है।

इसके पूर्व विबोध प्रीस्कूल प्रिंसीपल डॉ श्रुति बटवाल ने अतिथियों का स्वागत किया और बताया कि हमारा ध्येय है कि सभी विशिष्ट पहचान क्षेत्रों तक स्कूल बच्चों को लेकर जाएं और ज्ञानवर्धन कराएं। ऐसे ही हम बैंक, पोस्ट ऑफिस, हॉस्पिटल, यातायात विभाग, रेलवे स्टेशन, तेलिया तालाब, दशपुर कुंज, रेडक्रॉस सोसाइटी, स्टेडियम, शॉपिंग मॉल आदि स्थानों पर विजिट कराई है और इसके बारे जानकारी भी दे रहे हैं इसके बच्चों की लर्निंग में वृद्धि हुई है।
विबोध प्रीस्कूल स्टॉफ के साथ संग्रहालय केयर टेकर श्री रामेश्वर मेघवाल, श्री चतुर्वेदी, डॉ घनश्याम बटवाल, विक्रम सिंह सिसोदिया, भूमिका राठौर, महेश चंद्र सहित अन्य प्रमुख उपस्थित रहे।





