संबल का खर्च घटाने मौतों की रोकथाम के लिए अब श्रमिकों को जागरुक करेंगे कलेक्टर

54
Bridge Course

संबल का खर्च घटाने मौतों की रोकथाम के लिए अब श्रमिकों को जागरुक करेंगे कलेक्टर

भोपाल. मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना में पंजीकृत श्रमिकों की बढ़ती सामान्य और दुर्घटनाजनित मौतों पर हो रहे भारी भरकम खर्च ने श्रम विभाग की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में अब श्रमिकों की मौतों की रोकथाम के लिए उन्हें जागरुक करने और निवारक स्वास्थ्य उपाय बताने सभी कलेक्टर जिलों में शिविर लगाएंगे।

मध्यप्रदेश में अठारह से साठ वर्ष की आयु के असंगठित श्रमिकों का पंजीयन मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना में किया जाता है। पिछले वर्ष प्रदेश में ऐसे पंजीकृत श्रमिकों में से 57 हजार सामान्य मृत्यु और 5800 दुर्घटनाजन्य मृत्यु प्रकरणों में विभाग ने संबल योजना में हितलाभ वितरण किया है। प्रदेश में औसत आयु 67 वर्ष है। हर साल साठ हजार से अधिक मौतों के मामले में संबल हितलाभ वितरित किए जाते है। साठ वर्ष की उम्र के पहले सामान्य मौत पर दो लाख और दुघटना से मौत पर चार लाख रुपए इस योजना के तहत दिए जाते है।

श्रमिकों की अधिक मौत होंने पर संबल योजना का खर्च भी बढ़ रहा है। श्रमिक स्वस्थ्य रहे मृत्यु दर घटे इसके लिए उन्हें जागरुक करने की दिशा में श्रम विभाग ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए है कि श्रमिकों को जागरुक करने श्रमिक स्वास्थ्य एवं जागरुक ता शिविरों का आयोजन जिलों में किया जाए। औद्योगिक क्षेत्रों, निर्माण स्थलों, इट भट्टों, कारखानों एवं कृषि आधारित कार्यस्थलों पर स्वास्थ्य शिविर तथा जागरुकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए है। इन शिविरों का आयोजिन मासिक ग्राम सभा, वार्ड सभा के साथ करने और अनुग्रह सहायता योजना के तहत सहायता के साथ स्वीकृत किए गए मामलों सें संबंधित जानकारी को ग्राम, वार्ड सभा की विषय सूची में शामिल किए जा सकते है।

कार्यस्थल सुरक्षा और दुर्घटना रोकथाम के लिए कारखानों और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए है। हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, ग्लब्स, मास्क व अन्य सुरक्षा उपकरणों के उपयोग संबंधी प्रावधानों का अनुपालन अनिवार्य रुप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। कार्यस्थल के साथ साथ सुरक्षा एवं सुरक्षित परिवहन के प्रति भी श्रमिक जागरुकता बढ़ाई जाएगी।

श्रमिकों को नियमित स्वास्थ्य जांच बीपी, शुगर, बीएमआई,कार्डियक रिस्क से जोड़ा जाए। उच्च जोखिम वाले श्रमिकों की पहचान कर उन्हें उचित चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, परिवहन एवं स्थानीय प्रशासन के समन्वय से प्रत्येक जिले द्वारा श्रमिकों के प्रीवेंटिव स्वास्थ्य उपाय, नियमित स्वास्थ्य जांच हेतु संयुक्त कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए है। श्रमिकों, कार्यशील आयु वर्ग में मौत के कारणों का विश्लेषण कर इन्हें रोकने के संबंध में मासिक समीक्षा भी करने के लिए कलेक्टरों को कहा गया है।