
छतरपुर में ट्रैफिक व्यवस्था फेल: SP की गाड़ी जाम में फंसी रही, 3-4 मिनट तक नहीं मिली साइड
छतरपुर: छतरपुर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला आम जनता का नहीं, बल्कि जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) की गाड़ी से जुड़ा है, जो रविवार रात बस स्टैंड के जाम में फंस गई। करीब 3 से 4 मिनट तक SP की गाड़ी जाम में फंसी रही, लेकिन किसी ने साइड नहीं दी।

जानकारी के मुताबिक, SP अगम जैन रविवार रात शहर का जायजा लेने निकले थे। इसी दौरान वे करीब 9:20 बजे श्यामाप्रसाद मुखर्जी अंतरराज्यीय बस स्टैंड पहुंचे, जहां अंदर घुसते ही उनकी गाड़ी जाम में फंस गई। कई बार हॉर्न देने के बावजूद वाहन चालकों ने रास्ता नहीं दिया। बस स्टैंड से बाहर निकलने के बाद भी स्थिति जस की तस रही और कल्याण धर्मशाला तिराहे तक गाड़ी को निकलने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।
हैरानी की बात यह रही कि गाड़ी पर आगे ‘पुलिस अधीक्षक’ और पीछे ‘SP’ की नेम प्लेट साफ तौर पर लगी थी, इसके बावजूद वाहन चालकों ने अनदेखी की। इससे न सिर्फ ट्रैफिक व्यवस्था की बदहाली उजागर हुई, बल्कि कानून व्यवस्था के प्रति लोगों की लापरवाही भी सामने आई।

*चौकी और ट्रैफिक पुलिस रही गायब..*
घटना के दौरान बस स्टैंड पुलिस चौकी पर कोई भी पुलिसकर्मी या ट्रैफिक स्टाफ मौजूद नहीं था। चौकी खाली पाई गई। वहीं, बाहर के कुछ पुलिसकर्मियों ने SP की गाड़ी को निकालने की कोशिश जरूर की, लेकिन बस चालकों ने उनकी बात तक नहीं सुनी।
इतना ही नहीं, प्राइवेट ट्रैवल्स कंपनी की एक बस प्रतिबंधित जगह पर सड़क पर खड़ी मिली, जिससे जाम और बढ़ गया। यह दृश्य ट्रैफिक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते नजर आया।

*जिम्मेदारी से बचते नजर आए अधिकारी..*
मामले में जब ट्रैफिक प्रभारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी रात 9 बजे तक रहती है, उसके बाद व्यवस्था की जिम्मेदारी कोतवाली पुलिस की होती है। इस जवाब ने व्यवस्था सुधारने के बजाय जिम्मेदारी टालने की तस्वीर पेश कर दी।
यह घटना साफ तौर पर दिखाती है कि छतरपुर की ट्रैफिक व्यवस्था कितनी लचर है, जहां आम जनता तो दूर, खुद पुलिस अधीक्षक की गाड़ी भी जाम से नहीं बच पाती।





