
Triveni Kund, Swimmers Struggle : त्रिवेणी कुंड सुखा, तैराक और तैराकी सिखने वाले हो रहें परेशान, कर्मकांड और धार्मिक क्रियाएं प्रभावित चारों और गंदगी ही गंदगी!
Ratlam : शहर के दक्षिण छोर स्थित अतिप्राचीन ऐतिहासिक त्रिवेणी कुंड इन दिनों ग्रिष्म ऋतु प्रारंभ होने से पहले ही सुख जाने से तैराकों को परेशान होते देखा जा रहा हैं। इसकी वजह निगम प्रशासन और क्षेत्रीय पार्षद की अनदेखी हैं सन् 2019 में इस अतिप्राचीन ऐतिहासिक त्रिवेणी कुंड का जिर्णोद्धार तत्कालीन सांसद, विधायक और महापौर के कर-कमलों से हुआं था।

प्रारंभ में तो यहां सब कुछ व्यवस्थित रूप से संचालित होता रहा ग्रिष्म ऋतु में कुंड का पानी सुख जाने पर नगर निगम के सहयोग से बोरवेल के माध्यम से कुंड में स्वच्छ जल भरा जाता था जिसका शहर-भर के तैराकों और तैराकी सिखने वाले तैरने का लुत्फ उठाया करते थे। अभी ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ ही नहीं हुई और कुंड का पानी सुख गया और परिसर में चारों और गंदगी ही गंदगी दिखाई दे रही हैं यहां निगम द्वारा शौचालय निर्माण भी कराया गया लेकिन रखरखाव के अभाव में जर्जरता की भेंट चढ़ गया। सनातन धर्मावलमिबयों का इस क्षेत्र में प्रतिवर्ष मेला और महारुद्र यज्ञ में रतलाम सहित प्रदेश के अनेक शहरों से हजारों लोगों की आवा-जाही लगी रहती हैं। यहां मृतकों के परिजनों द्वारा सिर मुंडन संस्कार, घाटा और अन्य धार्मिक संस्कारों के कार्य आयोजित किए जाते हैं। लेकिन पसरी हुई गंदगी और प्रतिदिन सफाई के अभाव से लोगों को परेशान होते देखा जा सकता हैं।
शहर के रहवासियों, सनातन धर्मावलंबियों और तैराकी के शौकीन लोगों की महापौर प्रहलाद पटेल तथा क्षेत्रीय पार्षद एवं एमआईसी सदस्य विशाल शर्मा से दरकार है कि इस क्षेत्र की साफ-सफाई प्रतिदिन हो तथा कुंड में पानी की समुचित व्यवस्था हो ताकि इस क्षेत्र की सुंदरता और तैराकों को निशुल्क मिलने वाली सुविधाओं का लाभ मिल सके!





