
ट्रक ड्राइवर की बेटी बनी असिस्टेंट प्रोफेसर, मेहनत और संघर्ष से हासिल की बड़ी सफलता
आलीराजपुर। सीमित संसाधन, आर्थिक चुनौतियां और ग्रामीण परिवेश के बावजूद यदि लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प और मेहनत हो तो सफलता की राह खुद बन जाती है।
अलीराजपुर जिले के ग्राम फाटा (नानपुर) की बेटी किरण चौहान ने अपनी लगन और संघर्ष के बल पर यह साबित कर दिया है। एक साधारण परिवार से आने वाली किरण ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2022 में लाइब्रेरी साइंस (ग्रंथपाल) के पद पर चयनित होकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

*ट्रक ड्राइवर पिता ने मेहनत से दिलाई ऊंची शिक्षा*
किरण चौहान के पिता कालू सिंह चौहान पेशे से ट्रक ड्राइवर हैं। उन्होंने दिन-रात मेहनत कर अपने बच्चों की शिक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया। वहीं उनकी माता भारती चौहान घर की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ खेती के काम में भी हाथ बंटाती रही हैं। आर्थिक रूप से सीमित साधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद माता-पिता ने अपनी बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी और उसे आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया।
*संघर्ष के बीच हासिल की सफलता*
ग्रामीण परिवेश और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद किरण ने पढ़ाई के प्रति अपनी लगन बनाए रखी। कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अध्ययन के बल पर उन्होंने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2022 में लाइब्रेरी साइंस विषय में सफलता प्राप्त की। उनकी इस उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।
*सफलता का श्रेय परिवार और गुरुजनों को*
किरण चौहान ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों, परिवार, ससुराल पक्ष और मित्रों को दिया है। उनका कहना है कि सभी के सहयोग और आशीर्वाद से ही यह सफलता संभव हो सकी है।
*क्षेत्र में खुशी का माहौल*
किरण चौहान के चयन की खबर मिलते ही ग्राम फाटा, नानपुर सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। सामाजिकजनों, रिश्तेदारों और परिचितो ने उज्ज्वल भविष्य की स्थापना करते हुए हर्ष व्यक्ति किया हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि किरण की यह सफलता क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी और यह संदेश देती है कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।





