
Ujjain- Badnagar Borewell Mishap : 20 घंटे से मासूम को बचाने की जंग जारी, मां-बाप बेहाल; कलेक्टर‑SP मौके पर मौजूद, जानिए अपडेट?
मीडियावाला के ब्यूरोचीफ रमेश सोनी की विशेष रिपोर्ट
उज्जैन : जिले के बड़नगर में खुले बोरवेल में गिरे 3 वर्षीय मासूम को निकालने 20 घंटे से रेस्क्यू जारी है। NDRF‑SDRF की टीम रेस्क्यू में लगी हुई है। कलेक्टर‑SP मौके पर मौजूद है। बड़नगर के झलारिया गांव में बोरवेल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान NDRF‑SDRF और प्रशासनिक टीम मौके पर मौजूद है। गुरुवार रात हुए हादसे के बाद से प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ जुटा हुआ है। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा स्वयं मौके पर डटे हुए हैं. NDRF और SDRF की संयुक्त टीम लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन अब तक बच्चे को सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जा सका है।
उज्जैन से करीब 75 किलोमीटर दूर बड़नगर तहसील के झलारिया गांव में यह हादसा गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे हुआ. ढाई से तीन साल का मासूम भागीरथ देवासी खेलते‑खेलते एक खुले बोरवेल में गिर गया. बोरवेल करीब 200 फीट गहरा बताया जा रहा है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।
*मौके पर प्रशासन मौजूद!*
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया. कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा और प्रशासन‑पुलिस की पूरी टीम मौके पर पहुंच गई. हालात की गंभीरता को देखते हुए राज्य और जिला स्तर की आपदा प्रबंधन टीमें भी तुरंत सक्रिय की गईं।
*NDRF‑SDRF का जॉइंट रेस्क्यू ऑपरेशन!*
भोपाल से पहुंची NDRF की टीम के साथ हरदा, इंदौर और उज्जैन की SDRF टीमें संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं. शुरुआती प्रयासों में बोरवेल के भीतर पाइप और रस्सियों के जरिए बच्चे तक पहुंचने की कोशिश की गई. बच्चे के हाथों में रोप रिंग पहनाकर बाहर निकालने के दो प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
*समानांतर सुरंग बनाने में बाधा!*
बच्चे तक सुरक्षित पहुंचने के लिए पांच पोकलेन मशीनों की मदद से बोरवेल के समानांतर एक सुरंग बनाई जा रही थी. लेकिन करीब 40 फीट खुदाई के बाद चट्टानें आने के कारण काम रोकना पड़ा। अब इन चट्टानों को तोड़ने के लिए भोपाल से हैमर मशीन मंगाई गई है, ताकि खुदाई फिर से शुरू की जा सके।
*45 फीट गहराई पर मिली नई लोकेशन।*
रेस्क्यू टीम को ताजा जानकारी मिली है कि बच्चा फिलहाल बोरवेल में करीब 45 फीट की गहराई पर है. विशेषज्ञ लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और ऑक्सीजन सप्लाई बनाए रखने के लिए बोरवेल में पाइप डाले गए हैं।
*परिजनों का रो‑रोकर बुरा हाल!*
मासूम की मां जत्तूबाई का रो‑रोकर बुरा हाल है। वह बार‑बार भगवान से अपने बच्चे की सलामती की दुआ मांग रही हैं. मां का कहना है कि पता नहीं उसका बच्चा किस हालत में होगा. परिवार के अन्य सदस्य भी सदमे में हैं और मौके पर मौजूद हैं।
*जानिए कैसे हुआ हादसा?*
परिजनों ने बताया कि भागीरथ के पिता पूसाराम देवासी राजस्थान के पाली जिले के निवासी हैं. परिवार भेड़ चराने के लिए झलारिया गांव आया हुआ था. हादसे के वक्त बच्चा दीवार के पास खेल रहा था. उसने पत्थर से बोरवेल का ढक्कन हटाया और उसे बाल्टी समझकर पैर डाल दिया, जिससे वह सीधे अंदर गिर गया. मां ने गिरते हुए देखा और बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह गहराई में जा चुका था।
*सांसे थामे हैं पूरा गांव!*
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पूरा गांव और जिला प्रशासन की नजरें मौके पर टिकी हुई हैं. हर कोई मासूम के सुरक्षित बाहर निकलने की प्रार्थना कर रहा है. प्रशासन का कहना है कि कोई भी कसर नहीं छोड़ी जा रही है और ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा, जब तक बच्चे को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता!





