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Uproar Over Airtel’s Digging : रायपुरिया में MPRDC की सड़क पर एयरटेल की खुदाई से बवाल

PWD की अनुमति, MPRDC की सड़क- नियमों की अनदेखी पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा! 36 करोड़ की सड़क खतरे में, PWD ने भी माना नियम विरुद्ध काम!

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Uproar Over Airtel’s Digging : रायपुरिया में MPRDC की सड़क पर एयरटेल की खुदाई से बवाल

राजेश सोनी की रिपोर्ट!

झाबुआ : जिले के रायपुरिया में निजी कंपनी भारती एयरटेल लिमिटेड द्वारा की जा रही ऑप्टिक फायबर केबल बिछाने की खुदाई अब विवाद की वजह बन गई है। आरोप है कि MPRDC की सड़क को कंपनी PWD की अनुमति दिखाकर खोद रही है। इससे करोड़ों की लागत से बनी सड़क के क्षतिग्रस्त होने और हादसों का डर बढ़ गया है। आपको बता दें कि रायपुरिया में एयरटेल द्वारा OFC केबल डालने के लिए जेसीबी से सड़क किनारे करीब 1 मीटर गहरी खुदाई चल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बामनिया से रायपुरिया मार्ग MPRDC के अंतर्गत आता है। यह सड़क 2013-14 में 36 करोड़ रुपए की लागत से बनी थी और क्षेत्र की जीवनरेखा है। इसमें ग्रामिणों का आरोप हैं कि नियमों की अनदेखी करते हुए बिना सही अनुमति के सड़क को कमजोर किया जा रहा हैं।

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हादसों का खतरा- बरसात में गड्ढे बनने से बड़े हादसे हो सकते हैं!

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सड़क MPRDC की, अनुमति PWD की दिखाई जा रही है,मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने काम का कड़ा विरोध किया।PWD के सब-इंजीनियर सुनील चौहान ने बताया कि नियम विरुद्ध कार्य की सूचना वरिष्ठ कार्यालय को दे दी गई है। 22 जून को जारी पत्र में कंपनी को चेतावनी दी गई थी कि दत्तिगांव- उमरकोट- तारखेड़ी- रायपुरिया मार्ग पर शर्तों का पालन नहीं हो रहा। पत्र में साफ लिखा था कि अनुमति सड़क के मध्य से 15-20 मीटर दूर केबल डालने की थी, लेकिन कंपनी सड़क के किनारे को ही खोद रही है। कार्य देख रहें प्रकाश भायल और ठेकेदार का कहना है कि उनके पास PWD कार्यपालन यंत्री की NOC क्रमांक 468, दिनांक 23/04/2026 है और वे उसी के अनुसार काम कर रहें हैं।

अनुमति पत्र में यह भी कहा गया था कि केबल 1.50 मीटर गहरी हो और यातायात सुरक्षा की जिम्मेदारी कंपनी की होगी। यदि निर्माण के दौरान केबल क्षतिग्रस्त होती है तो उसकी जवाबदेही भी कंपनी की रहेगी। अब ऐसे में सवाल उठता हैं कि क्या PWD द्वारा जारी अनुमति में MPRDC की सड़क गलती से शामिल हो गई? या कंपनी ने शर्तों को तोड़कर MPRDC की जमीन पर भी खुदाई कर दी? फिलहाल प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों की मांग है कि काम तुरंत रोका जाए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो!

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