सार्वजनिक रूप से तलवार वितरण पर बवाल:16 पर FIR, 10 गिरफ्तार, CLACT के तहत मामला दर्ज

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सार्वजनिक रूप से तलवार वितरण पर बवाल:16 पर FIR, 10 गिरफ्तार, CLACT के तहत मामला दर्ज

Ghaziabad: उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद में 29 दिसंबर 2025 को शालीमार गार्डन इलाके में एक विवादित कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें “हिंदू रक्षा दल” नामक संगठन की अगुवाई में खुल्लेआम तलवारें वितरित की गईं। इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 16 नामजद और 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि संगठन की अध्यक्ष पिंकी चौधरी और अन्य मुख्य सदस्य फरार हैं।

▪️क्या हुआ था घटना के दौरान
▫️ स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शालीमार गार्डन में एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पिंकी चौधरी के नेतृत्व में तलवारें बांटी गईं। कार्यक्रम में बताया गया कि यह आयोजन बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचारों के विरोध और आत्मरक्षा के उद्देश्य से किया गया था। इस कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस हरकत में आई।

▪️पुलिस ने की सख्त कार्रवाई
▫️गाजियाबाद पुलिस ने सार्वजनिक रूप से हथियार वितरण को कानून का उल्लंघन बताया है। पुलिस ने कहा कि किसी भी स्थिति में हथियार बांटना, चाहे उसका उद्देश्य कोई भी हो, कानून व्यवस्था को भंग करने जैसा है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस घटनाक्रम के बाद
16 नामजद और 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई,
10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया,
तथा पिंकी चौधरी व अन्य मुख्य संगठकों की तलाश जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, FIR में मामला 7 CLACT (Criminal Law Amendment Act) के तहत दर्ज किया गया है, जो सार्वजनिक शांति भंग करने और अवैध हथियार वितरण को लेकर कठोर प्रावधानों के तहत आता है।

▪️समाजिक और आम नागरिकों की प्रतिक्रिया
▫️घटना के विस्तारित वीडियो और तस्वीरों के वायरल होने के बाद कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने इस कार्यक्रम की कड़ी निंदा की और इसे सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश बताया। वहीं कुछ समर्थकों का कहना है कि यह कार्यक्रम आत्मरक्षा अधिकार के तहत आयोजित किया गया था। लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और किसी भी समुदाय विशेष के नाम पर भी सार्वजनिक रूप से हथियारों का वितरण कनून का उल्लंघन है।

▪️कानून-व्यवस्था को लेकर संदेश
▫️पुलिस की त्वरित कार्रवाई इस बात का संदेश देती है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और ऐसे किसी भी कार्यक्रम, चाहे उसके पीछे कोई भी उद्देश्य हो, जो सार्वजनिक शांति को भंग कर सकता है, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
यह मामला एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि धार्मिक भावनाओं और सुरक्षा की आड़ में कानून को हाथ में लेना कितना खतरनाक हो सकता है तथा किस प्रकार यह सामाजिक सुगठितता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
फैसला स्पष्ट है: सार्वजनिक रूप से हथियार वितरण करना किसी भी उद्देश्य के लिए कानूनन स्वीकार्य नहीं है, और पुलिस ने अपने कर्तव्य के अनुरूप सख्ती से कार्रवाई करते हुए सबूतों-अनुसार FIR तथा गिरफ्तारी की है।