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भक्तों में मतभेद!
कथा स्थल सहजपुर, भेड़ाघाट में पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच इस मामले को लेकर मतभेद देखने को मिल रहें हैं। कुछ भक्त उत्तम स्वामी पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए स्वामी के समर्थन में नजर आए। वहीं अन्य लोगों का कहना है कि स्वामी को सामने आकर सार्वजनिक रूप से सफाई देनी चाहिए। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कथावाचक आगामी दिनों में कथा वाचन जारी रखेंगे या नहीं। आयोजक भी स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र सहित जबलपुर में चर्चाएं तेज हो गई हैं, जबकि पुलिस और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
उत्तम स्वामी कौन हैं?
यौन शोषण के गंभीर आरोपों का सामना करने वाले उत्तम स्वामी मूलरूप से महाराष्ट्र के अमरावती के रहने वाले हैं। अमरावती में जन्म के बाद ही इनकी रुचि कथा वाचन में हो गई थी। वर्तमान में उत्तम स्वामी को ईश्वरानंद जी महाराज के नाम से भी जाना जाता है। उत्तम स्वामी एक प्रसिद्ध भारतीय कथावाचक और श्री पंच अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर हैं। उत्तम स्वामी का मुख्य कार्यक्षेत्र राजस्थान का बांसवाड़ा हैं जहां इनका विशाल आश्रम हैं जिसका विधिवत शुभारंभ 22 जुलाई 2013 को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उदयपुर रोड स्थित रविंद्र ध्यान केंद्र के रूप में हुआ था जो इनके पहले आश्रम की शुरुआत थी। इस आश्रम का नाम उत्तम सेवा धाम आश्रम हैं यहां की हम बात करें तो यहां भी शिवरात्रि की तैयारियों पर असर पड़ा है। मुख्य आश्रम होने होने से यहां श्रृद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती हैं लेकिन शुक्रवार को यहां सन्नाटा पसरा हुआ था। महाशिवरात्रि के विशेष पुजन अनुष्ठान की तैयारियां भी थमती नजर आ रही थी। टेंट लगाने के लिए सामान तो आ गया था लेकिन टेंट लगाने वाले नदारद थे, उत्तम स्वामी का इसके अलावा मध्य प्रदेश के जबलपुर में भेड़ाघाट में भी आश्रम हैं!