वंदे…मातरम् …

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वंदे…मातरम् …

कौशल किशोर चतुर्वेदी

इंदौर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम गायन पर छिड़ी बहस आखिर निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। दो मुस्लिम पार्षदों द्वारा वंदे मातरम न गाने पर हुआ विवाद आखिरकार, कांग्रेस-भाजपा विचारधाराओं से परे जाकर राष्ट्रगीत के सम्मान पर जाकर ठहर गया है। और इसका खामियाजा आखिरकार दोनों महिला पार्षदों को अनुशासनात्मक कार्रवाई के तौर पर भुगतना पड़ सकता है। इंदौर नगर निगम परिषद की बैठक में उठे इस मुद्दे को मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने आगे बढ़ाते हुए जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और कांग्रेस दिग्गज दिग्विजय सिंह के पाले में डाला, तब कांग्रेस को अपना रुख साफ करना ही पड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी राष्ट्रगीत के अपमान पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर कर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया। हालांकि जीतू पटवारी ने पलटवार किया कि कांग्रेस को राष्ट्रभक्ति के लिए भाजपा से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है, लेकिन यह भी साफ किया कि राष्ट्र गीत का अपमान कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। और राष्ट्रगीत न गाने व उस पर धर्म संबंधी तर्क देने वाली पार्षदों के खिलाफ मामला अनुशासनात्मक कार्रवाई तक पहुंच गया है।

इंदौर नगर निगम में कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख़ और रूबीना इकबाल खान ने मत व्यक्त किया था कि हमारे इस्लाम में वंदे मातरम् बोलने पर मनाही है। और किसी के बाप में दम नहीं है जो हमसे जबरदस्ती कर वंदे मातरम् गाने को मजबूर कर सके। इंदौर नगर निगम सभापति मुन्ना लाल यादव ने वंदे मातरम गीत को लेकर अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के चलते कांग्रेस पार्षद को बैठक से बाहर किया था। इंदौर नगर निगम महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा था कि जिस देश का अन्न खाते है जिस देश की नदी का पानी पीते हवा खाते है उस देश के प्रति मान सम्मान न हो यह दुर्भाग्य है। इस देश में लोग रहते है जो ईरान के नेता के मरने पर श्रद्धांजलि देते है लेकिन देश की वंदना करने में और भारत माता की जय बोलने में पेट दुखता है। नेता प्रतिपक्ष नगर निगम चिंटू चौकसे ने तब ही साफ कर दिया था कि कांग्रेस पार्टी पार्षद फैजिया शेख के बयान से सरोकार नहीं रखती है और कांग्रेस की रग रग में वंदे मातरम् है। इसके बाद मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने सवाल किया था कि दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी बताएं कि वो देश भक्तों के साथ है या देश द्रोहियों के साथ हैं।

इंदौर नगर निगम में बजट सम्मेलन के दौरान कांग्रेस पार्षदों द्वारा वंदे मातरम् के अपमान पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष समेत बड़े नेताओं का इस्तीफा मांग कर सबको चौंका दिया था। मुख्यमंत्री ने इस घटना को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को घेरे में लिया था। उन्होंने कहा इस पर पूरी प्रदेश कांग्रेस को इस्तीफा दे देना चाहिए। कांग्रेस अपने दोहरे चरित्र से बाहर नहीं निकल पा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इंदौर नगर निगम की महिला पार्षदों ने बेशर्मी की हद पार कर दी।

तब मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रगीत का अपमान करने वालों पर कार्रवाई के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि जिस दल की मातृ संस्था ने 50 वर्षों तक अपने कार्यालयों में तिरंगा झंडा नहीं फहराया, वह भारतीय जनता पार्टी हमें राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ा रही है। राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान कांग्रेस की आत्मा में बसे हैं। वंदे मातरम् का नारा लगाकर कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई लड़ी। देशभक्ति के लिए हमें भाजपा का सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। रुबीना इकबाल के मामले में जीतू पटवारी ने कहा कि यह मामला पार्टी की अनुशासन समिति के संज्ञान में है और जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा। राष्ट्रगान का मातरम् करना सभी देशवासियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान गाना या न गाना निजी मामला हो सकता है, लेकिन उसके बारे में सार्वजनिक रूप से इनकार करना गलत है। कांग्रेस ने इसे गंभीरता से लिया है।

अंततः यही कहा जा सकता है कि कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने धर्म का हवाला देकर राष्ट्रगीत गाने से मना किया तो मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया था। अब यह भूचाल खत्म हो गया है। कांग्रेस ने भी साफ कर दिया है कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का सम्मान ज़रूरी है और कांग्रेस हमेशा राष्ट्रगीत का अपमान करने वालों के खिलाफ है। और शायद इसके बाद कोई मुखर रहे या मौन रहे, लेकिन राष्ट्रगीत गायन के समय सबकी सहमति इस पर रहेगी कि वंदे…मातरम्… अर्थात मातृभूमि का वंदन है।

 

 

 

लेखक के बारे में –

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।