विजयपुर फिर कांग्रेस का, लेकिन ‘अधिकारविहीन’ विधायक के लिए नई जंग

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विजयपुर फिर कांग्रेस का, लेकिन ‘अधिकारविहीन’ विधायक के लिए नई जंग

भोपाल/नई दिल्ली। मप्र में विजयपुर उपचुनाव शून्य घोषित करने के हाइकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने स्टे कर दिया है। इसी के साथ दस दिन से इस मामले में जारी सियासी सरगर्मी पर तो ब्रेक लग गया है, लेकिन नया सस्पेंस भी खड़ा हो गया है। इस फैसले के खिलाफ उपचुनाव जीतने वाले कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा ने अपील की थी, इस पर गुरूवार को शीर्ष अदालत ने अगली सुनवाई तक अंतरिम स्टे दे दिया मगर राज्यसभा के चुनाव में वोट डालने का अधिकार नहीं दिया है। यह कांग्रेस के लिए नया झटका है। क्योंकि उसे राज्यसभा के चुनाव में अपना गणित बिगड़ने का अंदेशा पहले से है।

इस प्रकरण की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी, तब तक उनके खिलाफ निचली अदालत के फैसले पर रोक प्रभावी रहेगी। इस मामले में कांग्रेस विधायक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने पैरवी की।
उल्लेखनीय है कि, ग्वालियर हाईकोर्ट ने हाल ही में मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को निरस्त घोषित कर दिया था। अदालत ने चुनावी हलफनामे में आपराधिक प्रकरणों की जानकारी छिपाने को गंभीर मानते हुए यह फैसला सुनाया था। हालांकि उन्हें 15 दिनों के भीतर सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की अनुमति भी दी गई थी।

हाईकोर्ट के इसी आदेश को चुनौती देते हुए मुकेश मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने की। हालांकि, इस अंतरिम राहत के बावजूद कुछ पाबंदियां लागू रहेंगी। विधायक मुकेश मल्होत्रा आगामी राज्यसभा चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा उन्हें इस अवधि में मानदेय का लाभ भी नहीं मिलेगा। हालांकि, वे विधानसभा की कार्यवाही में भाग ले सकेंगे। कांग्रेस ने इस फैसले के खिलाफ आंशिक आपत्ति जताई है।

पार्टी के मीडिया प्रभारी मुकेश नायक और प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने कहा कि मल्होत्रा को राज्यसभा चुनाव में वोटिंग का अधिकार दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर की जाएगी। उनका कहना है कि एक निर्वाचित विधायक को वोटिंग से रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों पर असर डालता है। कांग्रेस नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत भी किया, लेकिन इसे अधूरा न्याय बताया।

राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस में हलचल

कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को राज्यसभा के चुनाव में मतदान का अधिकार नहीं मिलने से कांग्रेस की चिंता बढ़ सकती है। पार्टी को अगले महीने अपनी एक सीट बचाने के लिए विधायकों का संख्याबल काफी समय से परेशान कर रहा है। पार्टी के पास यूं तो सीट जीतने के लिए जरूरत से ज्यादा वोट(विधायक)हैं, लेकिन उसकी टिकट पर जीती बीना विधायक निर्मला सप्रे पहले से भाजपा के पाले में नजर आ रही हैं,अब मल्होत्रा को भी राज्यसभा चुनाव का वोटर नहीं माना जाएगा। मप्र में कांग्रेस को अंदरखाने यह भी चिंता है कि जिस तरह हाल में अन्य राज्यों के लिए हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस विधायकों द्वारा क्रास वोटिंग करने से न सिर्फ पार्टी की फजीहत हुई है, बल्कि उसका गणित भी बिगड़ गया है, इसी पुनरावृत्ति की आंशका से मप्र में भी कांग्रेस चिंतित है।

नेता प्रतिपक्ष ने विजयपुर चुनाव शून्य घोषित होने के बाद ही कहा था कि भाजपा राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस का गणित बिगाड़ना चाहती है। पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि उसके तीन-चार विधायक भाजपा के साथ पींगे बढा चुके हैं। गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव में पार्टी व्हिप लागू नहीं रहता है। दिग्विजय सिंह का कार्यकाल खत्म होने की वजह से यह सीट खाली होगी।