
WhatsApp चलाने के लिए अब देने होंगे पैसे?
दिल्ली: दुनियाभर में अरबों लोगों का पसंदीदा मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप अब पहले जैसा “पूरी तरह फ्री” नहीं रहने वाला है। मेटा के स्वामित्व वाली कंपनी अब विज्ञापन-मुक्त (Ad-Free) अनुभव के लिए एक नया सब्सक्रिप्शन मॉडल टेस्ट कर रही है।
इसका मतलब है कि अगर आप ऐप के ‘स्टेटस’ और ‘चैनल’ सेक्शन में विज्ञापन नहीं देखना चाहते, तो आपको कंपनी को मासिक शुल्क देना होगा।वॉट्सऐप के आगामी वर्जन 2.26.3.9 के कोड में कुछ ऐसी नई स्ट्रिंग्स (Strings) देखी गई हैं, जो ‘Ad-Free’ सब्सक्रिप्शन की ओर इशारा करती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सब्सक्रिप्शन विशेष रूप से उन यूजर्स के लिए होगा जो स्टेटस देखते समय या चैनल्स ब्राउज करते समय विज्ञापनों से परेशान नहीं होना चाहते।हालांकि, मेटा की ओर से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक घोषणा या तारीख तय नहीं की गई है, लेकिन बीटा वर्जन में इसके संकेत मिलने से यह साफ है कि कंपनी इस पर गंभीरता से काम कर रही है।पैसे नहीं दिए तो क्या होगा?
अगर आप सब्सक्रिप्शन नहीं खरीदते हैं, तो आप पहले की तरह वॉट्सऐप का इस्तेमाल तो कर पाएंगे, लेकिन आपको ‘अपडेट’ टैब (जहां स्टेटस और चैनल्स दिखते हैं) में विज्ञापनों और ‘प्रमोटेड चैनल्स’ का सामना करना पड़ेगा। जो यूजर्स पैसे देकर प्रीमियम प्लान लेंगे, उन्हें पूरी तरह क्लीन और विज्ञापनों से मुक्त इंटरफेस मिलेगा।
कितनी होगी कीमत?
फिलहाल इस बात की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है कि इस सब्सक्रिप्शन की कीमत कितनी होगी। कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स (जैसे NewsBytes) में यह कयास लगाया जा रहा है कि इसकी कीमत करीब €4 (लगभग 350-400 रुपये) प्रति माह के आसपास हो सकती है, लेकिन भारत जैसे बड़े बाजार के लिए कंपनी इसे कम भी रख सकती है।राहत की बात यह है कि वर्तमान में यह विज्ञापन केवल ‘अपडेट्स’ टैब (Status & Channels) तक ही सीमित रहने की चर्चा है। आपके व्यक्तिगत चैट्स, कॉल्स और ग्रुप मैसेजिंग में फिलहाल विज्ञापन दिखाने की कोई योजना नहीं है।





