यमुना एक्सप्रेसवे पर ‘मौत का तांडव’: टॉयलेट के लिए बस से उतरे यात्रियों को कंटेनर ने रौंदा, 6 की मौत

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यमुना एक्सप्रेसवे पर ‘मौत का तांडव’: टॉयलेट के लिए बस से उतरे यात्रियों को कंटेनर ने रौंदा, 6 की मौत

Mathura: यमुना एक्सप्रेसवे पर एक भयावह सड़क हादसा हुआ है, जिसमें 6 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हुआ है। यह हादसा उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में सुरीर थाना क्षेत्र के माइलस्टोन-88 के पास शनिवार तड़के करीब 2:45 बजे हुआ।‌

● कैसे हुआ भयावह हादसा
दिल्ली से कानपुर (रसूलाबाद) जा रही एक प्राइवेट बस ने रात के समय टॉयलेट (लघुशंका) के लिए यमुना एक्सप्रेसवे के बीच रास्ते पर ही बस रोकी। इस दौरान कुछ यात्री बस से उतरे और सड़क किनारे खड़े हो गए। तभी पीछे से एक अनियंत्रित तेज रफ्तार कंटेनर-ट्रक ने बस को जोरदार टक्कर मारी और नीचे खड़े यात्रियों को रौंद दिया, जिससे वे मौके पर ही मौत के घाट समा गए।‌
पुलिस और प्रशासन ने बताया कि कंटेनर चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया है और उसकी तलाश जारी है। बस का ड्राइवर भी भाग निकला है।

● जिले की पुलिस और प्रशासन की प्राथमिक जानकारी
मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने बताया कि बस को एक्सप्रेसवे पर गलत तरीके से रोकना हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। एक्सप्रेसवे पर वाहन केवल सुरक्षित “ग्रीन ज़ोन” या विशिष्ट रोकने वाले स्थान (वे-साइड अमेनिटी) में ही रुक सकते हैं, लेकिन बस को बीच रास्ते में खड़ा होने के कारण कंटेनर चालक को बस और यात्रियों को समय पर देखने का मौका नहीं मिला।‌ मृतकों और घायलों के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। प्रधान सचिव इलाका अधिकारी और जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे, राहत कार्य और शुरुआती जांच का संचालन कर रहे हैं।‌

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● मृतक और घायल यात्रियों की पहचान
पुलिस ने अब तक कुछ मृतकों की पहचान की है। इनमें शामिल हैं:
* सोनू (32), निवासी एरवा कटरा, औरैया (UP)
* देवेश (32), निवासी भेलबल, बस्ती (UP)
* असलम (27), निवासी कन्नौज (UP)
* संतोष (45), दिल्ली के प्रेम नगर निवासी
बाकी मृतकों की पहचान जारी है।‌ एक यात्री गंभीर रूप से घायल है जिसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत अभी भी चिंताजनक बताई जा रही है।‌

● यमुना एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के सवाल
यमुना एक्सप्रेसवे एक हाई-स्पीड राजमार्ग है जहां वाहनों की रफ्तार बहुत अधिक होती है। ऐसे में बीच रास्ते पर बस रोकना या यात्रियों का बाहर उतरना बेहद जोखिम भरा है। एक्सप्रेसवे प्रबंधन के नियम के मुताबिक बसों को केवल उन स्थानों पर ही रोकना चाहिए जहां यात्रियों के उतरने, बैठने या टॉयलेट हेतु सुविधाएं उपलब्ध हों।‌ पिछले महीनों में एक्सप्रेसवे पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें वाहनों की रफ्तार, खराब विजिबिलिटी और नियमों के उल्लंघन को कारण बताया गया था।‌

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● घटना के बाद प्रशासन की कार्रवाई
पुलिस ने घटना के सम्बन्ध में मामला दर्ज कर लिया है और कंटेनर ड्राइवर की तलाश जारी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मृतक परिवारों को सरकार की ओर से अनुग्रह राशि और सहायता प्रदान करने की बात भी कही गई है। यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों और बस चालकों को निर्देश दिए हैं कि वे बस को केवल सुरक्षित स्थानों या निर्धारित ग्रीन जोन पर ही रोकें, न कि हाई-स्पीड लेन पर, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसे रोके जा सकें।

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● विश्लेषण और चेतावनी
यह हादसा एक बार फिर यह स्पष्ट करता है कि उच्च-गति राजमार्गों पर अनियंत्रित रुकावटें और यात्रियों का सड़क के बीच में उतरना कितना खतरनाक साबित हो सकता है। यातायात नियमों का पालन, ग्रीन जोन का उपयोग और रात्रि में तेज रफ्तार से वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना अत्यंत जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसे से बचा जा सके।‌