Yogi Inaugurated Statue of Shivaji : छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा का लोकार्पण UP के मुख्यमंत्री ने किया!

योगी आदित्यनाथ ने कहा 'भव्य स्मारक को देखकर देखने वालों में राष्ट्र प्रेम का भाव जागेगा!'

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Yogi Inaugurated Statue of Shivaji : छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा का लोकार्पण UP के मुख्यमंत्री ने किया!

Yogi Inaugurated Statue of Shivaji : छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा का लोकार्पण UP के मुख्यमंत्री ने किया!

Indore : छत्रपति शिवाजी के 350 वे राज्याभिषेक वर्ष के उपलक्ष में शिवाजी प्रतिमा स्थल का लोकार्पण उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। एबी रोड स्थित शिवाजी वाटिका चौराहे पर यह भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीएम ने कहा कि देश के महान छत्रपति शिवाजी के राज्यभिषेक पर्व को इतने उत्साह से मनाया जाना स्वागत योग्य है। इंदौर ने छत्रपति शिवाजी के इस पर्व की शुरूआत की, अब ये देश के अन्य शहरों में भी मनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इंदौर के इस मुख्य मार्ग पर छत्रपति शिवाजी की भव्य प्रतिमा व स्मारक वाटिका को जब भी कोई देखेगा, तो उसमें राष्ट्र प्रेम का भाव जागेगा। उत्तर प्रदेश में भी छत्रपति शिवाजी का आगरा में म्यूजियम का निर्माण किया जा रहा है। देश में स्वच्छता में लगातार नंबर-वन एवं देश में स्मार्ट सिटी में अग्रणी इंदौर शहर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव और उनकी टीम का मैं हृदय से अभिनंदन करता हूं।

महापौर ने कहा कि देश के सबसे स्वच्छ शहर व स्मार्ट सिटी में मुख्यमंत्री योगी जी का स्वागत है। आज राष्ट्र के स्वाभिमान के प्रतीक इंदौर में छत्रपति महाराज शिवाजी के अभिषेक पर्व पर आप सभी का अभिनंदन है। शिवाजी ने सनातन धर्म को आगे ले जाने का कार्य किया है, ऐसे छत्रपति शिवाजी महाराज को नमन। इस अवसर पर महापौर व अन्य जनप्रतिनिधियों ने छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा स्मृति के रूप में भेंट की गई।

इस अवसर पर मंत्री तुलसीराम सिलावट, उषा ठाकुर, सांसद शंकर लालवानी, राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार, विधायक महेंद्र हार्डिया, रमेश मेंदोला, मालिनी गौड़, आकाश विजयवर्गीय और अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित थे। शिवाजी महाराज के प्रतिमा अनावरण पर केदारनाथ में प्रस्तुति देकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर आए हनुमंत ध्वज पथक द्वारा भी कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई।

कैसा है इस प्रतिमा स्थल का स्वरुप
सन 1970 में निर्मित उद्यान (शिवाजी वाटिका) में हिंदवी स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित की गई थी। उनकी शौर्य गाथा के प्रतीक स्वरूप उनकी प्रतिमा को किले की प्रतिकृति के समान स्मारक में पुनर्स्थापित करने के लिए नवनिर्माण किया गया। स्मारक के निर्माण के लिए रायगढ़ किला तथा महाराज के द्वारा मराठा स्थापत्य शैली में निर्मित अन्य किलों की संरचना का सूक्ष्म अध्ययन किया गया। स्मारक निर्माण के लिए मराठा स्थापत्य शैली के समान काले पत्थर से किले की दीवार, मुख्य प्रवेश द्वार, बुर्ज एवं प्रतिमा की परिकल्पना इस प्रकार की गई जैसे महाराज अश्वारूढ़ होकर युद्ध की मुहीम पर जाने के लिए किले के मुख्य प्रवेश द्वार से बाहर आ रहे हैं।

Yogi Inaugurated Statue of Shivaji : छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा का लोकार्पण UP के मुख्यमंत्री ने किया!

योजना के अंतर्गत उद्यान के मध्य में सात फीट ऊँचे प्रांगण पर काले पत्थर से निर्मित पेडस्टल पर प्राचीन प्रतिमा के सुधार तथा नए रंग-रोगन के बाद पुनर्स्थापित किया गया। प्रतिमा स्थल को भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए प्रतिमा के पीछे प्राचीन किले के समान लगभग 50 फीट ऊँची तथा लगभग 335 फीट लंबी काले पत्थर की दीवार, मध्य में एक भव्य किले का प्रवेश द्वार, बाहर की और किले के समान तीन अन्य प्रवेश द्वार तथा बाउंड्री वॉल बनाई गई है।

प्राचीन किले का स्वरूप प्रदान करने की दृष्टि से ही प्राचीन शैली की आकर्षक लाईट, उद्यान का विकास एवं काले पत्थर के पाथवे का निर्माण करवाया गया है। छत्रपति महाराजा शिवाजी की प्रतिमा के दोनो और एतिहासिक महत्व की दो वास्तविक तोप का भी स्थापित किया गया है। किले की दीवारों पर दोनो और छत्रपति महाराजा शिवाजी की राजमुद्रा का निर्माण तथा एवं शौर्य तथा हिंदवी साम्राज्य के प्रतीक के रूप में उद्यान के पश्चिमी भाग में सौ फीट ऊँचे ध्वजदंड पर केशरिया ध्वज स्थापित किया गया है। इस कार्य पर तीन करोड़ का खर्च किया गया है।