Monday, October 14, 2019

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चंद्रकांत अग्रवाल

वरिष्ठ लेखक पत्रकार कवि। विगत 35 सालों से साहित्य व पत्रकारिता हेतु लेखन। अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों व्याख्यान मालाओं में देश भर में आमंत्रित व सम्मानित। हजारों रचनाएं कई राष्ट्रीय स्तर की पत्रिकाओं अखबारों में प्रकाशित। 4 स्थानीय अखबारों का संपादन आदि।

दशहरे पर रामराज्य का मर्म : आज के जननायकों के कर्म व प्रजा के सब्र का चरमोत्कर्ष 

दशहरे पर रामराज्य का मर्म : आज के जननायकों के कर्म व प्रजा के सब्र का चरमोत्कर्ष 

मीडियावाला.इन। बुराई पर अच्छाई की जीत के महापर्व विजयादशमी पर आज बुराई का प्रतीक माने जाने वाले रावण का पुतला जलाकर हम सब रामराज्य की कल्पना से अपने आपको जबरदस्ती खुश करने का असफल प्रयास करेंगे। असफल मैंनें इसलिए...