Monday, February 18, 2019

Blog

सतीश जोशी

पिछले चालीस वर्षों से पत्रकारिता कर रहे, राजनीतिक विश्लेषक, टिप्पणीकार, नईदुनिया, भास्कर, चौथा संसार सहित प्रदेश के कई समाचार पत्रों के लिए लेखन। 


आदिवासी जनजीवन पर एक पुस्तक, राजनीतिक विश्लेषण पर पांच पुस्तकें, राज रंग, राज रस, राज द्रोह, राज सत्ता, राज पाट।  


रक्षा संवावदाता, रिपोर्टिंग के क्षेत्र में खोजी पत्रकारिता में महारथ हांसिल। प्रेस क्लब इंदौर के अध्यक्ष रहे। वर्तमान में सांध्य दैनिक 6pm के समूह सम्पादक, इंदौर में कार्यरत।


संपर्क : 9425062606

मोदी की बॉडी लैंग्वेज से बड़ी कार्रवाई के संकेत

मीडियावा. इन पुलवामा में आतंकी घटना से देश सिहर गया है। आक्रोश, गुस्से से हर एक की धमनियों में खून खौल रहा है। जम्मू-कश्मीर के हुर्रियत नेताओं, अलगाववादियों की सुरक्षा हटाकर आम आदमी की गाढ़ी कमाई पर एेश करने...

माफ करो सरकार, नहीं चाहिए आपकी यह कर्ज माफी

जनता संविधान में मिले अधिकारों का जश्न मना रही है। तिरंगे के सामने खड़ी हो वंदे मातरम के तराने गाती जनता अपने आप से यह सवाल पूछ रही है कि उसकी आशा, अपेक्षा को राजनीति कब गंभीरता से...

लोकसभा चुनाव की जमीन तैयार होने लगी है

लोकसभा चुनाव की जमीन तैयार होने लगी है

मीडियावाला.इन। कमलनाथ सरकार के मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के बीच स्वागत, आभार के लिए भ्रमण पर हैं, उनको जिलों का प्रभार भी दे दिया गया है। एक सूचना के अनुसार मंत्रियों को लोकसभा सीटों की जिम्मेदारी दी...

आदिवासियों के भीतर जल रही चिंगारी को हवा दे रही भाजपा

आदिवासियों के भीतर जल रही चिंगारी को हवा दे रही भाजपा

भारतीय जनता पार्टी की नजर कांग्रेस के भीतर सुलग रही चिंगारी को हवा देते रहने की है। आदिवासी खासकर मालवा निमाड़ के आदिवासी विधायकों में पनप रहे असंतोष को हवा देने की है। कमलनाथ मंत्रिमंडल में ठाकुरों के...

शक्ल ले रहे गठबंधन मोदी ही नहीं राहुल के भी अंक बढ़ायेंगे!

शक्ल ले रहे गठबंधन मोदी ही नहीं राहुल के भी अंक बढ़ायेंगे!

संसद में राफेल पर जंग, मिशेल से पूछताछ की जमीन पर 2019 के लोकसभा चुनाव की शतरंज पर पासे बिछाए जा रहे हैं। चौकीदार चोर है और चौकीदार को चोरों की मंडली हटाना चाहती है जैसे संवाद से...

कमलनाथजी, आपकी पीठ भी थपथपायेंगे, बकअप...!

कमलनाथजी, आपकी पीठ भी थपथपायेंगे, बकअप...!

मध्यप्रदेश के नए 'नाथ' कमलनाथ ने योजनाओं को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी तंत्र को दी है। अंग्रेजों के पहले जनपदों में कारकून सरकारी कामकाज की डूंडी पिटा करते थे। चौपाल, गांव, खेत-खलिहान के बीच सरकार की मंशा...

खाद, बिजली संकट और असंतोष पर पार पाना होगा

खाद, बिजली संकट और असंतोष पर पार पाना होगा

खाद की विशेषकर यूरिया की कमी किसानों के लिए परेशानी तो सरकार के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। सरकार बदल गई है, शिवराजसिंह की जगह कमलनाथ मुख्यमंत्री हो गए हैं। किसानों के आंसूओं के सहारे अपनी सत्ता...

...तो कमलनाथ सरकार आकार ले रही है!

...तो कमलनाथ सरकार आकार ले रही है!

सरकार है उसने काम शुरु कर दिया है, उसको अभी ओर आकार लेना है। मध्यप्रदेश के गांव, चौपाल, शहरों में बदलाव पर मुहर लगाने वाले दिल्ली से शक्ल ले रही सरकार का इंतजार कर रहे हैं। दिल्ली से...

भाजपा पर भारी पड़ रहे हैं कांग्रेस के तेवर

भाजपा पर भारी पड़ रहे हैं कांग्रेस के तेवर

तीन राज्यों में पराजय के बाद भाजपा बदल गई है। उसकी आक्रामकता कहीं खो गई है। राफेल पर देश भर में पत्रकार वार्ताओं और धरनों ने भी पार्टी के तेवर में कोई धार नहीं दी। इससे तो शिवराज...

कमजोर सरकार, मजबूत विपक्ष यही तो जनादेश है

कमजोर सरकार, मजबूत विपक्ष यही तो जनादेश है

शपथ के साथ ही कमलाथ प्रदेश के मुख्यमंत्री हुए। शपथ की रस्म का भारी भरकम भार आभार के साथ हल्का नहीं होता। कांग्रेस के घोषणापत्र याने वचनपत्र से जागी उम्मीदों ने कमलनाथ को सत्ता तक पहुंचाया है। चुनावी...

"शिव के पात्रों" ने न अभिनय ठीक किया न ताली बटोरी

"शिव के पात्रों" ने न अभिनय ठीक किया न ताली बटोरी

भारतीय जनता पार्टी खुश हो सकती है कि उसे कांग्रेस ने छत्तीसगढ़,राजस्थान की तरह बुरी तरह शिकस्त दी। सवाल यह है कि 165 और अबकी बार 200 पार के आत्मविश्वास से चुनाव मैदान में शिवराज की फौज 109...

चिंता सताए, किसके सपने टूटेंगे, किसके सजेंगे !

जीत और हार के बीच एक दिन का फांसला काटे नहीं कटता। एग्जिट पोल ने किसी की नींद हराम कर दी और किसी को नए सपने दिखा दिए। पन्द्रह वर्ष से जारी जीत का सफर सुहाना रहेगा या...

स्ट्रांग रुम और भयभीत राजनेताओं का मनोविज्ञान

स्ट्रांग रुम और भयभीत राजनेताओं का मनोविज्ञान

मीडियावाला.इन। मतदान के बाद नेताओं के भाग्य की मशीनें स्ट्रांग रुम में आराम फरमा रही हैं। बाहर हथियारबंद सिपाही खड़े हैं। अचानक गई बिजली से घबराये नेता अपनी जीत के अपहरण की आशंका से घिरे हैं। आशंका के...

हम मीडियावालों को आत्मावलोकन करना ही चाहिए

हम मीडियावालों को आत्मावलोकन करना ही चाहिए

मीडियावाला.इन। स्ट्रांग रुम, ईवीएम-वीवीपेड मशीनों की सुरक्षा चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। भारत में समय-समय पर इनकी सुरक्षा पर सवाल खड़े होते रहे हैं, इनके साथ छेड़छाड़ कर मतदान को अपने पक्ष में करने के आरोप सत्तापक्ष पर...

चुनाव जीतने के लिए मुफ्तखोरी पर बोली अदालत - लोग आलसी होते जा रहे हैं !

चुनाव जीतने के लिए मुफ्तखोरी पर बोली अदालत - लोग आलसी होते जा रहे हैं !

द्रमुक और अन्नाद्रमुक द्वारा सत्ता सुख की खातिर चावल आदि बांटने की लोकलुभावन घोषणाएं आम थीं। अब यह बीमारी उत्तरी राज्यों और देखा जाए तो पूरे देश में कमोबेश हो गई है। अच्छी बात यह है कि राशन...

यह मतदान प्रतिशत कोई लहर तो नहीं है!

यह मतदान प्रतिशत कोई लहर तो नहीं है!

मीडियावाला.इन। करीब ढाई प्रतिशत मतदान बढ़ना किस बात का संकेत है। यह पहली बार मतदाता सूची में दर्ज युवा और चुनाव आयोग की मतदान प्रतिशत बढ़ाने की कोशिश है। राजनीतिक दलों के बीच पिछले चुनाव की तुलना में...

इंदौर एक, देपालपुर और सांवेर के मतदाता क्या कहते हैं ?

इंदौर एक, देपालपुर और सांवेर के मतदाता क्या कहते हैं ?

मीडियावाला.इन।  चुनाव पर समीक्षा घर में बैठकर और सुनी सुनाई बात पर नहीं होती। अपने चालीस साल के पत्रकारिता के अनुभव से यह कह रहा हूं और उससे सभी सहमत होंगे। इंदौर जिले की तीन विधानसभा जिस पर...

मालवा-निमाड़: भाजपा की जमीन खिसक रही है

मालवा-निमाड़: भाजपा की जमीन खिसक रही है

मालवा निमाड़ में भाजपा अपनी जमीन बचाने की जंग लड़ रही है। कांग्रेस उसे कड़ी टक्कर दे रही है। पिछली बार की उसकी 55 सीटों में से लगभग 20 सीटें डेंजर झोन में है। कांग्रेस अपनी स्थिति में...

न सत्ता विरोधी लहर न कांग्रेस विरोधी हवा है

न सत्ता विरोधी लहर न कांग्रेस विरोधी हवा है

विधानसभा चुनाव में मुद्दे क्या हैं? हर रोज मुद्दे बदलते हैं। कुछ वर्षों से कांग्रेस संघ परिवार की नकल करते हुए मंदिर-मंदिर घूम रही है। संघ परिवार राम मंदिर पर बहस छेड़कर उसे हिंदुत्व या राम के साथ...

बिखरे कुनबे को आर्मी में बदल दिया वचन पत्र ने

बिखरे कुनबे को आर्मी में बदल दिया वचन पत्र ने

कांग्रेस पार्टी ने साबित कर दिया कि वह कन्फ्यूज पार्टी है। शिवराज के कामकाज पर घेरते-घेरते कांग्रेस के वचन पत्र में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर सवाल खड़े कर बहस का मुद्दा ही बदल दिया। कुछ मामलों में...