Saturday, October 19, 2019
सिर्फ एक गलती से खाली हो जाएगा आपका अकाउंट, आयकर विभाग की है हिदायत

सिर्फ एक गलती से खाली हो जाएगा आपका अकाउंट, आयकर विभाग की है हिदायत

मीडियावाला.इन।

जैसे ही आईटीआर फाइलिंग की समय सींमा समाप्त होती है धोखाधड़ी करने वाले Income Tax Department के रूप में भोले-भाले करदाताओं को इस तरह के मैसेज भेजकर अपना शिकार बनाते हैं।...

नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। अगर आपके मोबाइल नंबर या ईमेल पर इनकम टैक्स रिफंड से जुड़ा कोई मैसेज आया है तो उसे ओपन करने से पहले रुकिये और मैसेज के सोर्स को ठीक से जांच लीजिए। यह फिशिंग ई-मेल या फ्रॉड मैसेज हो सकता है। हो सकता है यह मैसेज आपको किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए प्रेरित करे और आपसे आपकी बैंक डिटेल मांगे। ऐसी स्थिति में आप कभी भी अपनी पर्सनल डिटेल्स शेयर ना कीजिएगा, वरना आपको अपनी गाढ़ी कमाई के पैसे गंवाने पड़ सकते हैं। आमतौर पर देखा गया है कि जैसे ही आईटीआर फाइलिंग की समय सींमा समाप्त होती है, धोखाधड़ी करने वाले आयकर विभाग के रूप में भोले-भाले करदाताओं को इस तरह के मैसेज भेजकर अपना शिकार बनाते हैं।

ITR रिफंड के नाम पर होता है फ्रॉड

बहुत बार ऐसा होता है कि करदाता आयकर विभाग को अधिक कर का भुगतान कर देता है। आयकर विभाग इस अतिरिक्त टैक्स को आयकर रिटर्न (ITR) रिफंड के रूप में लौटाता है। फ्रॉड करने वाले लोग इसका फायदा उठाते हैं और करदाताओं को टैक्स रिफंड का फर्जी मैसेज भेजकर ठग लेते हैं। ये धोखेबाज आयकर विभाग जैसी दिखने वाली मेल आईडी से करदाता को फर्जी मेल भेजते हैं। वहीं कुछ धोखेबाज नकली आइटीआर टेक्स्ट मैसेज भेजकर लोगों को ठगने का काम करते हैं।

स्पेम लिंक से ठगते हैं धोखेबाज

आयकर विभाग हमेशा ऐसे ईमेल और मैसेसेज के बारे में ग्राहकों को सावचेत करता रहता है, उसके बावजूद भी हर साल बड़ी संख्या में फ्रॉड के मामले सामने आते हैं। अक्सर इन ईमेल्स और मैसेसेज में लिखा आता है, ‘ग्राहक के रिफंड को मंजूरी दे दी गई है, कृपया इस लिंक पर क्लिक करके आवश्यक जानकारी मुहैया कराएं।’ ग्राहक फ्रॉड करने वाले के जाल में फंस जाते हैं और लिंक पर क्लिक कर देते हैं। यह लिंक एक स्पेम होता है। इसका उपयोग धोखेबाज ग्राहक की बैंक से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी पाने के लिए करते हैं। वे ग्राहक की निजी जानकारी से उनके ई-फाइलिंग क्रेडेंशियल्स का दुरुपयोग करते हैं या फिर उस जानकारी को इंटरनेट पर बेच देते हैं।

आयकर विभाग कभी नहीं मांगता पर्सनल डिटेल्स

आयकर विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वह कभी भी ग्राहक से पिन, ओटीपी, क्रेडिट/डेबिट कार्ड की डिटेल अथवा पासवर्ड नहीं मांगता है। आयकर विभाग द्वारा बैंक खातों से संबंधित कोई भी जाकारी ई-मेल, एसएमएस या फोन कॉल के जरिए नहीं मांगी जाती क्योंकि यह जानाकारी पहले से ही विभाग के पास मौजूद होती है।

 

इस तरह कर सकते हैं बचाव

आयकर विभाग द्वारा करदाताओं को हिदायत दी गई है कि वे ऐसे किसी भी एसएमएस, फोन कॉल या ई-मेल का जवाब ना दें। अगर ग्राहक को ऐसा कोई मेल या मैसेज मिलता है तो उसे webmanager@incometax.gov.in और event@cert-in.org.in पर भेज देना चाहिए। यह भी ध्यान रखें कि इस तरह के मैसेज या ईमेल आईडी में डोमेन नेम व प्रेषक के नाम में इस्पेलिंग की गलती होती है या मिला जुला नाम होता है।

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