Monday, September 23, 2019

कॉलम / नजरिया

सारा प्रस्‍ताव एक तरफ, राहुल की झप्‍पी एक तरफ

सारा प्रस्‍ताव एक तरफ, राहुल की झप्‍पी एक तरफ

मीडियावाला.इन। क्‍या करूं भाई आज मैं भी टीवी चैनलों की तरह एक ही घटना को दिन भर घसीटने की मनोवृत्ति का शिकार हो गया हूं। मेरी सुई भी आज एक ही जगह आकर ऐसी अटकी है कि वहां...

आंख मारकर क्या आंख मिलाएंगे

आंख मारकर क्या आंख मिलाएंगे

अविश्वास प्रस्ताव के नाम पर देश की संसद में आज जो कुछ हुआ, उसे देखकर सच में अपने ही भाग्य पर तरस आता है। लोकतंत्र का मंदिर कैसे हंसी-मजाक का अड्डा बन गया है। विपक्ष आंख मार रहा है...

‘पंजा’ टीम में ‘साइकिल’ को खिलाने अखिलेश की फुटबालिया पेशकश !

‘पंजा’ टीम में ‘साइकिल’ को खिलाने अखिलेश की फुटबालिया पेशकश !

देश के जिन युवा नेताओ में अच्छी-खासी विनोद बुद्धि ( सेंस ऑफ ह्यूमर) है, उनमें अखिलेश यादव को पहली पायदान पर रखा जा सकता है। अखिलेश बहुत ठंडे दिमाग से लेकिन तीखा कटाक्ष करते हैं साथ में मुस्कुराते भी...

मूर्खता से बेहतर नकलीपन ही सही

मूर्खता से बेहतर नकलीपन ही सही

सोनिया गांधी आज निश्चित ही चैन की नींद सो सकती हैं। यकीनन उनके हृदय को बीते लम्बे समय से मथ रही चिंताओं का स्तर आज काफी कम हो गया होगा। क्योंकि उनके बेटे राहुल गांधी ने जता दिया कि...

नीरज : कुछ सपनों के मर जानें से जीवन नहीं मरा करता है..!

नीरज : कुछ सपनों के मर जानें से जीवन नहीं मरा करता है..!

नीरजजी दिल में उतर जाने वाले साहित्यिक मनीषी  थे। कवि सम्मेलनों के गैंगबाजी वाले दौर में भी, वे वैसे के वैसे ही रहे जैसे दिनकर, बच्चन के जमाने में थे। पारिश्रमिक उनकी वरीयता में कभी नहीं रहा, न ही...

अरे.... राहुल गांधी ने ये क्या किया!

अरे.... राहुल गांधी ने ये क्या किया!

संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के चलते शुक्रवार का दिन भारतीय राजनीति में दो कारणों से अविस्मरणीय और विश्व में भी चर्चा का कारण बन गया है। बहस के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का शालीन भाषा वाले...

सैराट जैसा सामाजिक संदेश गायब है 'धड़क' में

सैराट जैसा सामाजिक संदेश गायब है 'धड़क' में

मीडियावाला.इन। फिल्म धड़क को मराठी की सुपरहिट फिल्म सैराट का रीमेक समझकर न देखें। न शुद्ध मुंबइयां फिल्म है, जिसका कोई संदेश नहीं है। कहानी में भी बदलाव किया गया है और सैराट जिन मुद्दों को लेकर चर्चित हुई...

नीरज : देह ही जा सकती थी वही गई है

नीरज : देह ही जा सकती थी वही गई है

देह के तट पर लगता है, संसार नश्वर है, उसे मर ही जाना है। नदी की हर बूंद प्रतिक्षण समुद्र में विलीन होने के लिए ही भाग रही है। जब देह की जकडऩ से ऊपर उठते हैं तो अहसास...

दीपाली की तल्ख टिप्पणी भ्रष्ट अफसरों के लिए सवालिया निशान

दीपाली की तल्ख टिप्पणी भ्रष्ट अफसरों के लिए सवालिया निशान

जब से देश आजाद हुआ है तब से आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यकों पर केंद्रित बहस और सरकारी योजनाएं इन समुदाय को आगे लाने की चर्चा करती रही है। कोई दो मत नहीं कि वर्षों से पिछड़े समुदाय  लोकशाही में...

छोड़िये न "को नृप होय,हमहुँ का हानि"

छोड़िये न "को नृप होय,हमहुँ का हानि"

हम सबको अपनी सरकारों से बहुत सी शिकायतें हैं.भ्रष्टाचार और निकम्मेपन से शुरू होकर,शायद शब्दों की यह सूचि इनसे मिलते जुलते सौ विशेषणों पर भी ख़तम नहीं होती होगी.लेकिन,यदि अलबर्ट आइंस्टीन लौटकर भी आएं,और हम ही पूंछें कि...

चवन्नी छाप संवादों की यह सियासत

चवन्नी छाप संवादों की यह सियासत

राजधानी में भोपाल टॉकीज नामक एक संस्था का अस्तित्व खत्म हो चुका है। चौराहा तो अब भी इसी नाम से जाना जाता है। करीब बीस साल पहले यहां एक फिल्म पुन: प्रदर्शित की गई। शीर्षक था, हीरा। टॉकीज...

...तो अस्थाई राजाओं और जनता पर भारी हैं स्थाई दरबारी

...तो अस्थाई राजाओं और जनता पर भारी हैं स्थाई दरबारी

तो कान्ह और सरस्वती नदी में मिलने वाले  छह नालों की टेपिंग 2015 में हो जानी थी, फिर कहा गया कि इस वर्षा के पहले जरुर पूरी कर लें,  जिससे इस वर्षा के बाद नदी सफाई का काम...

विश्व धरोहर अंगकोरवाट से चर्चित कंबोडिया

विश्व धरोहर अंगकोरवाट से चर्चित कंबोडिया

सुना था कम्बोडिया हिन्दू मंदिरों का प्राचीन देश है। प्राचीन काल में जब संस्कृत वहाँ की राजभाषा हुआ करती थी तब कम्बोडिया को कंबोज कहते थे। वैसे इसे कम्पूचिया भी कहते हैं। ऐसा लगता है जैसे एक भव्य नाम...

जाको प्रभु दारुण दुख देही...

जाको प्रभु दारुण दुख देही...

पता नहीं कि इस समय अखिल भारतीय कांग्रेस की कार्यसमिति की घोषणा किया जाना कितना जरूरी था। खेर आगे पीछे तो उसे होना ही था। शायद राहुल गांधी ने किसी ज्योतिषि से यह मुहूर्त निकलवाया हो। या किसी...

पीटिये क्योंकि यही मौलिक है

पीटिये क्योंकि यही मौलिक है

पीटना और पिटना पाषाणकाल से चली आ रही दो ऐसी क्रियाएं हैं, जो हमारे पशु होने की स्वाभाविक रूप से गवाही देती है। समर्थ पीटते आए हैं और कमजोर पिटते चले जा रहे हैं। पीटने और पिटने के...

गरीबों के खातों में 15-15 लाख और सैनीजी के जवाब !

गरीबों के खातों में 15-15 लाख और सैनीजी के जवाब !

ये जवाब कुछ-कुछ विक्रम-बेताल संवाद से लगते हैं यहां सवाल विक्रम के हैं और जवाब का आप तय कर लें। इस इंटरव्यू रूपी ‘संवाद’ का लुब्बो लुआब यह है कि अगर भाजपा के पास राजस्थान के प्रदेश भाजपाध्यक्ष...

कामरेडों के राम और अयोध्या में कुरान पाठ का ‘राज योग !

कामरेडों के राम और अयोध्या में कुरान पाठ का ‘राज योग !

राजनीतिक दृष्टि से राम का महत्व इस देश में कितना गहरा गया है, यह हर चुनाव के पहले बखूबी महसूसा जा  सकता है। इसकी वजह वो दो ताजा  खबरें हैं, जो केरल और यूपी से आई हैं। पहली...

गरीबों के खातों में 15-15 लाख और सैनीजी के जवाब!

गरीबों के खातों में 15-15 लाख और सैनीजी के जवाब!

ये जवाब कुछ-कुछ विक्रम-बेताल संवाद से लगते हैं यहां सवाल विक्रम के हैं और जवाब का आप तय कर लें। इस इंटरव्यू रूपी ‘संवाद’ का लुब्बो लुआब यह है कि अगर भाजपा के पास राजस्थान के प्रदेश भाजपाध्यक्ष...

समय सबसे बेबस

समय सबसे बेबस

मन करता है किस दिन समय के साथ बैठ जाऊं। पूछूं उससे कैसे कटते हैं, उसके दिन-रैन। इस हद तक कैसे खामोश रह पाते हो। सिर्फ देखते रहना, कितना मुश्किल होता होगा। आंखों के आगे सारी लीला चल रही...

वोवरान इंजेक्शन प्रतिबंधित: हम दवाओं और इलाज विधियों पर बात क्‍यों नहीं करते

वोवरान इंजेक्शन प्रतिबंधित: हम दवाओं और इलाज विधियों पर बात क्‍यों नहीं करते

पत्रकारिता का बुनियादी सिद्धांत है कि आपको किसी भी सूचना या खबर के हर पक्ष को जानने की कोशिश करनी चाहिए। यह बात अलग है कि आजकल केवल एकपक्षीय होकर खबरें लिखने या विचार व्‍यक्‍त करने का चलन ज्‍यादा...