Wednesday, September 18, 2019
पत्रकारों को एक्सक्लूसिव खबर देने वाले, सबके चहेते वरिष्ठ आईपीएस एनके त्रिपाठी,आज जन्मदिन पर विशेष

पत्रकारों को एक्सक्लूसिव खबर देने वाले, सबके चहेते वरिष्ठ आईपीएस एनके त्रिपाठी,आज जन्मदिन पर विशेष

मीडियावाला.इन।

मेरे प्रशासनिक सेवा काल में ऐसे कुछ ही लोग आए हैं जिनका मेरे जीवन पर एक अलग प्रभाव पड़ा है , श्री एन के त्रिपाठी साहब उनमें से एक हैं  ये एक संयोग ही था कि वे ट्रांसपोर्ट विभाग में हमारे कमिश्नर बने , जब मैं डिप्टी कमिश्नर प्रशासन का काम देख रहा था  संयोग इसलिए की तत्कालीन कमिश्नर कक्कड़ साहब कुछ जल्द ही स्थानांतरित हो गए थे , और जैसी हवाओं में कानाफूसियाँ थीं; त्रिपाठी जी सी. एस. महोदय की पसंद के तौर पर विभाग में पदस्थ हुए थे  बहुत जल्द ही त्रिपाठी जी की सरलता ने सबका मन मोह लिया । वैसे तो उनकी कई ख़ूबियाँ हैं पर मैं आज मैं एक विशेषता के बारे में बात करूँगा जिसने मेरा नज़रिया बदल दिया|
हमारी भर्ती के दौरान से ही ना जाने क्यूँ हमारी धारणा थी की प्रेस से ज़्यादा बात नही करनी । कई बातें अंदर की बातें होती हैं जिन्हें प्रकट करना ठीक नहीं , वग़ैरा वग़ैरा , पर हमारी धारणाओं से विपरीत त्रिपाठी जी बड़े धड़ल्ले से प्रेस से बात करते थे । कई बार वे अलग अलग लोगों को एक्सक्लूसिव ख़बर देते , मैंने एक दिन पूछा की आप सबको एक साथ ख़बर क्यूँ नही बताते जैसे की हम आम तौर पर करने के आदि थे , तो वो धीमे से मुस्कुरा के बोले , फिर आप उनको क्या ख़ास दे रहे हो ? वो ख़बर तो आम हो गयी ! ख़ास ख़बर से पत्रकार का रुतबा बढ़ता है फिर मैंने देखा की एक्सक्लूसिव ख़बरें एक एक कर वे सभी को देते थे ऐसा नहीं था की कोई एक ही कृपा पात्र रहता 

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एक और घटना का ज़िक्र करूँगा , पहले राज्य में चलने वाली बसों पर एक ही दर से टेक्स लगता था चाहे वे राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलें या देहाती अंचलों में । एक दिन की बात है , राज्य में विभिन्न मार्गों पर चलने वाली बसों में पृथक पृथक टेक्स लगाने की योजना तय हुई  मंत्री जी के पास से निकल मैं अपने साथियों के साथ इस गम्भीर तकनीकी काम में जुट गया  भोपाल के केम्प आफिस में बैठे हम टेक्स के अलग परिमाणों पर बात ही कर रहे थे की त्रिपाठी जी के चेंबर से आवाज़ें आयीं मैंने ध्यान दिया तो वे कुछ पत्रकार साथियों को प्रदेश में नए टेक्स प्रावधानों को लाने की योजना का ब्योरा बता रहे थे  मुझे कुछ अजीब लगा , सबके सामने तो क्या कहता पर जब सभी उठ कर चले गए तो मैंने धीमे से पूछा की सर ये क्या ? अभी तो केवल योजना है ना टेक्स बदला है ना ये तय है कि कितना बदलेगा ? जब तक पूरा फ़ाइनल ना हो जाए प्रेस को बताना ठीक होगा क्या ? त्रिपाठी जी इत्मिनान से मुस्कुराये और बोले देखो जो जनता के लिए किया जा रहा है उसे जनता को जानना चाहिए , सोचो इसी बहाने हमें प्रतिक्रिया भी तो मिलेगी की हम ठीक कर रहे हैं या नही ! मैं चुप रह गया , वाक़ई ये तो नया एंगल था , और प्रभावी भी था  और इसी वजह से वे पत्रकारों के अत्यंत प्रिय अधिकारी रहे हैं 
आज श्री एन के त्रिपाठी साहब का जन्म दिन है तो इस अवसर पर उन्हें अशेष शुभकामनायें वे शतायू हों और इसी तरह सामाजिक जीवन में सक्रिय रहें  🌹🌹🌹🎂🎂🌹🌹|

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आनंद कुमार शर्मा

आनन्द शर्मा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं, वर्तमान में आयुक्त अनुसूचित जाति विकास मध्य प्रदेश शासन के पद पर पदस्थ और कविता, फ़िल्म समीक्षा, यात्रा वृतांत आदि अनेक विधाओं में फ़ेसबुकीय लेखन| विशेष तौर पर मीडिया वाला के लिए ताज़ा फ़िल्म समीक्षा