Wednesday, July 17, 2019
सीएम के ब्यूरोक्रेसी को लेकर सख्त तेवर, तीन कलेक्टरों के काम पर जताई नाराजगी, कहा- एसी कमरों में बैठकर ना करें कलेक्टरी

सीएम के ब्यूरोक्रेसी को लेकर सख्त तेवर, तीन कलेक्टरों के काम पर जताई नाराजगी, कहा- एसी कमरों में बैठकर ना करें कलेक्टरी

मीडियावाला.इन।

भोपाल: सीएम कमलनाथ ने जन अधिकार कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सख्त लहजे में कहा कि एसी कमरों में बैठकर कलेक्ट्री नहीं होती है। ब्यूरोक्रेसी को लेकर तीखे तेवर दिखलाते हुए कमलनाथ ने तीन कलेक्टरों के कामकाज पर नाराजगी जाहिर की।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान टीकमगढ़, गुना और शहडोल के कलेक्टर से हितग्राहियों के बारे में पूछे गए प्रश्नों का जवाब नहीं मिलने पर इन कलेक्टरों पर सीएम नाराज हुए।

 गुना कलेक्टर भास्कर लक्षकार से कमलनाथ ने पूछा कि को बीमे का डेढ़ साल पहले भुगतान नहीं मिलने पर क्या कार्रवाई की। जवाब मिला - बीमा कंपनी ने आपत्ति लगाई थी । सीएम ने कहा कलेक्टर को अधिकार है आपत्ति को खारिज करने का। आपने क्लेम क्यों नहीं दिलवाया। सीएम ने पूछा आप अपने अधिकार का उपयोग करिए।अगर आपको अपने अधिकार के बारे में नहीं पता तो यह बहुत ही गंभीर स्थिति है।
कमलनाथ ने टीकमगढ़ कलेक्टर से पूछा एक किसान दीनदयाल गुप्ता को 2017 में सूखा राहत के 8 हजार रूपए अभी तक क्यों नहीं मिले, किसान कर्ज में डूब रहा है। कलेक्टर ने जवाब दिया -  3325 किसानों को राशि देना बाकी है । इस पर सीएम नाराज हुए और कलेक्टर को कहा कि आप क्या कर रहे हैं? सीएम ने  शहडोल के प्रभु लाल यादव को कर्मकार मंडल से दी जाने वाली छात्रवृत्ति समय पर ना मिलने पर नाराजगी जाहिर की।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कमलनाथ ने कहा कि जनहित के काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों - कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का भी व्यापक प्रचार किया जाए ताकि आम लोगों को पता चले और अन्य लापरवाह अधिकारियों को भी सबक मिल सके।
आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम पर चर्चा करते हुए कलेक्टरों से कहा कि वे महीने में कम से कम 2 बार किसी एक ब्लॉक और गांव में जाकर लोगों की समस्या को रूबरू सुने और उनके तत्काल निराकरण की कार्रवाई  करें । उन्होंने कलेक्टरों को प्रत्येक माह राज्य मुख्यालय को रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए।

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