Saturday, October 19, 2019
प्रशासन लगा सच्चाई को छुपाने, डूब प्रभावित क्षेत्र में मीडिया सहित  नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं व अन्य लोगों के आने-जाने पर लगाई रोक

प्रशासन लगा सच्चाई को छुपाने, डूब प्रभावित क्षेत्र में मीडिया सहित नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं व अन्य लोगों के आने-जाने पर लगाई रोक

मीडियावाला.इन।

बड़वानी-इन दिनों सरदार सरोवर बांध के चलते नर्मदा नदी में डूब प्रभावित गांव राजघाट टापू बन गया है और आने जाने के लिए नाव और बोट का सहारा लेना पड़ रहा है. प्रशासन द्वारा लोगों को लाने ले जाने के लिए नाव और बोट की व्यवस्था की गई है लेकिन आज दिन भर जो हुआ वह हैरत में डालने वाला था.

प्रशासन द्वारा उपलब्ध बोट और नाव वालों ने नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता यहां तक कि नेत्री मेधा पाटकर को भी गांव में ले जाने से मना कर दिया. जब मीडिया कर्मियों ने जाना चाहा तो सरकारी नाम और बोर्ड पर मौजूद कर्मचारियों ने स्पष्ट तौर पर मना कर दिया. कहा की सिर्फ गांव के लोगों को लाया ले जाया जाएगा हालाँकि प्राइवेट नाव के माध्यम से मेधा पाटकर गांव में गई और लोगों से मुलाकात की लेकिन मीडिया के वहाँ तक नहीं पहुँचने के चलते खुद मेधा पाटकर के लोग वीडियो के माध्यम से मीडिया तक जानकारी भेज कर मेधा पाटकर की बात पहुँचा रहे हैं लेकिन मीडिया कर्मियों को इस तरह शासन प्रशासन द्वारा गांव में जाने से रोकना यह साबित करता है कि दाल में बहुत कुछ काला है और प्रशासन सच्चाई छुपाने की कोशिश कर रहा है.

प्रशासन अगर इस तरह मीडियाकर्मियों और नर्मदा बचाओ आंदोलन के लोगों को रोकने की बजाय डूब प्रभावित लोगों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए मेहनत करेगा तो यह ज्यादा बेहतर होगा लेकिन प्रशासन तो लोगों को सुविधा देने की बजाय सच्चाई छुपाने में मेहनत करता दिखाई दे रहा है.

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