Tuesday, October 15, 2019
जिनके पास छिपाने के लिए बहुत कुछ, उन्हें ही लगता है सीबीआई से डर : जेटली

जिनके पास छिपाने के लिए बहुत कुछ, उन्हें ही लगता है सीबीआई से डर : जेटली

मीडियावाला.इन। 

  • आंध्रप्रदेश और पश्चिम बंगाल सरकार ने सीबीआई से छीना राज्य में कार्रवाई का अधिकार
  • सीबीआई को अब राज्य में किसी भी केस की जांच करने से पहले राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी
  • जेटली ने कहा- आंध्रप्रदेश सरकार ने आने वाले किसी खतरे के मद्देनजर यह फैसला लिया


भोपाल.  सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) से राज्य में कार्रवाई का अधिकार छीनने वाले आंध्रप्रदेश और पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने निशाना साधा। जेटली ने शनिवार को कहा कि जिन लोगों के पास छिपाने के लिए बहुत कुछ है, उन्हें ही सीबीआई से डर लगता है।


आंध्रप्रदेश और पश्चिम बंगाल सरकार ने हाल ही में उस समझौते से अपनी सहमति वापस ले ली, जिसके तहत सीबीआई को जांच के अधिकार मिले थे। अब सीबीआई को किसी भी मामले की जांच करने के लिए राज्य सरकार से अनुमति लेनी पड़ेगी। हालांकि, इस केस में ऐसे मामले नहीं फंसेंगे, जिनकी जांच का आदेश अदालत ने दिया होगा।

 

जेटली ने कहा, "सीबीआई को राज्य में घुसने से वही लोग रोक रहे हैं, जिनके पास बहुत कुछ छिपा हुआ है। आंध्रप्रदेश में यह फैसला किसी एक केस को देखते हुए नहीं लिया गया, बल्कि आगे आने वाले किसी खतरे को देखते हुए लिया।’’ शारदा चिट फंड घोटाला और नारदा स्टिंग ऑपरेशन का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा- पश्चिम बंगाल में हम शारदा और नारदा को यह कहकर नहीं नकार सकते कि भविष्य के लिए उन्होंने सीबीआई को डी-नोटिफाई कर दिया।


आंध्रप्रदेश में नवंबर में जारी हुई अधिसूचना 
आंध्रप्रदेश की प्रधान सचिव एआर अनुराधा ने सीबीआई को राज्य में जांच से रोकने का आदेश 8 नवंबर को जारी किया था। गुरुवार रात लीक होने के बाद इस फैसले का पता चला। आदेश में कहा गया कि दिल्ली पुलिस स्थापना कानून 1946 की धारा 6 के तहत दिल्ली पुलिस से जुड़े सदस्यों को आंध्र प्रदेश में अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करने की जो आम सहमति दी गई थीं, वे वापस ली जाती हैं। 


एजेंसी राज्य सरकारों की सहमति से कर सकती है कार्रवाई
देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी के नियमों के मुताबिक, दिल्ली सीबीआई के पूर्ण अधिकार क्षेत्र में आती है, लेकिन दूसरे राज्यों में एजेंसी स्थानीय सरकार की आम सहमति के आधार पर ही कार्रवाई कर सकती है। आंध्र सरकार ने दिल्ली पुलिस स्थापना कानून के तहत इसी साल अगस्त में सीबीआई को राज्य में कार्रवाई करने के लिए आम सहमति दी थी।

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