Wednesday, July 17, 2019
राहुल गांधी के इस्तीफे की बहन प्रियंका ने की तारीफ, कह दी ये बात

राहुल गांधी के इस्तीफे की बहन प्रियंका ने की तारीफ, कह दी ये बात

मीडियावाला.इन।

नयी दिल्ली : राहुल गांधी के इस्तीफे की औपचारिक घोषणा के बाद कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने बुधवार को कहा कि गांधी ने भले ही पार्टी अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया हो, लेकिन वह उनके नेता बने रहेंगे. राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस महासचिव और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा की भी प्रतिक्रिया सामने आयी है.
 

Priyanka Gandhi Vadra✔@priyankagandhi

Few have the courage that you do @rahulgandhi. Deepest respect for your decision. https://twitter.com/rahulgandhi/status/1146359704815194112 …

Rahul Gandhi✔@RahulGandhi

It is an honour for me to serve the Congress Party, whose values and ideals have served as the lifeblood of our beautiful nation.

I owe the country and my organisation a debt of tremendous gratitude and love.

Jai Hind 🇮🇳

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8:49 AM - Jul 4, 2019

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गुरुवार को बहन प्रियंका गांधी ने राहुल के इस कदम की तारीफ की. प्रियंका ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि- राहुल गांधी आपने जो किया, उसकी हिम्मत बहुत ही कम लोगों में होती है. आपके फैसले का सम्मान करते हैं.

इधर, पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने ट्वीट कर कहा, कि राहुल गांधी का अपने इस्तीफ के बारे में दिया गया बयान कांग्रेस के लाखों कार्यकर्ताओं को भावनात्मक रूप से छूने वाला है. सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की इच्छा थी कि वह अध्यक्ष बने रहें. उन्होंने कहा कि राहुल जी ने चुनाव में पार्टी का बेहतरीन ढंग से नेतृत्व किया. पार्टी की हार के कारण उनके नेतृत्व के प्रति हमारे प्रेम और सम्मान में कोई कमी नहीं आयी है.

राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि हम चाहते हैं कि राहुल गांधी जी अध्यक्ष बने रहें क्योंकि हम उनके संघर्ष को जानते हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि उन्होंने भले ही इस्तीफा दे दिया है, लेकिन वह नेता बने रहेंगे.

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद से अपने इस्तीफे को लेकर एक महीने से बनी असमंजस की स्थिति पर पूर्णविराम लगाते हुए गांधी ने बुधवार को त्यागपत्र की औपचारिक घोषणा कर दी और कहा कि पार्टी के 'भविष्य के विकास' के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है. चुनावी हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए गांधी ने कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) को यह सुझाव भी दिया कि नया अध्यक्ष चुनने के लिए एक समूह गठित किया जाए क्योंकि उनके लिए यह उपयुक्त नहीं है कि वह इस प्रक्रिया में शामिल हों.

Source : "प्रभात खबर"

 

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