Wednesday, October 16, 2019
विधानसभा सचिवालय में नियुक्तियों का मामला, स्पीकर, डिप्टी स्पीकर में तनातनी 

विधानसभा सचिवालय में नियुक्तियों का मामला, स्पीकर, डिप्टी स्पीकर में तनातनी 

मीडियावाला.इन। भोपाल। मप्र के इतिहास में पहली बार विधानसभा के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के बीच जबर्दस्त तनातनी हो गई है। मामला विधानसभा सचिवालय में नियुक्तियों को लेकर है। डिप्टी स्पीकर डॉ. राजेन्द्र सिंह ने स्पीकर को  फिर से पत्र लिखकर 2014 से अभी तक विधानसभा में हुई नियुक्तियों के आदेश की प्रतिलिपियां मांगी है। स्पीकर डॉ. सीतासरन शर्मा इससे बेहद नाराज हैं और उनका कहना है कि प्रश्नकाल नहीं चल रहा जो मैं डिप्टी स्पीकर के सवालों का जवाब देता रहूं। 

विधानसभा में नए पदों के लिए भर्ती को डिप्टी स्पीकर ने नियम विरुद्ध बताते हुए स्पीकर को पत्र लिखा था। उन्होंने आशंका व्यक्त की थी कि इस तरह की भर्ती से सचिवालय की छवि खराब हो रही है और लोग लोकायुक्त और हाईकोर्ट की शरण में जा सकते हैं। स्पीकर ने इस पत्र के बाद लगभग 41 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को रोक दिया। लेकिन डिप्टी स्पीकर को आशंका है कि  पिछले पांच साल में जो भर्तियां हुई हैं वे भी नियम विरुद्ध हैं। उन्होंने दो पत्र और लिखे पहले पत्र में उन्होंने 2014 से अभी तक की सभी नियमित और संविदा नियुक्तियों की जानकारी मांगी है और दूसरे पत्र में विधानसभा के प्रमुख सचिव  एपी सिंह के उन बयानों पर आपत्ति की है जिसमें उन्होंने नियुक्तियों को नियमानुसार बताया था।

इनका कहना है -

मेरे पास इतना समय नहीं कि मैं डिप्टी स्पीकर के सवालों का जवाब देता रहूं। अपने पीए को कह दूंगा कि वे उनके पत्रों का जवाब भेजते रहें।

डॉ. सीतासरन शर्मा, स्पीकर विधानसभा

स्पीकर वरिष्ठ और विद्वान हैं उनकी बात का जवाब नहीं दूंगा। लेकिन नियुक्ति संबंधी जानकारी आने पर ही पता चलेगा कि नियुक्तियां नियमानुसार हुई हैं या नियम विरुद्ध।

डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह, डिप्टी स्पीकर विधानसभा 

डिप्टी स्पीकर द्वारा मांगी गई जानकारियां उन्हें भेजी जा रही हैं। मैंने अखबारों में कोई बयान नहीं दिया। यदि किसी पत्रकार ने पूछा तो जो नियम  प्रक्रिया है उसकी जानकारी दी है। 

एपी सिंह, प्रमुख सचिव विधानसभा 

रविन्द्र जैन
(लेखक अग्निबाण भोपाल के संपादक है)

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