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महेंद्र बौद्ध के कांग्रेस में आने की चर्चा
महेंद्र बौद्ध ने 2019 में कांग्रेस छोड़कर बसपा का दामन थामा था। अब महेंद्र बौद्ध ने बसपा से इस्तीफा दे दिया। उनके किसी राजनीतिक दल में जाने की अटकलें तेज हो गई। महेंद्र बौद्ध दिग्विजय सिंह सरकार में शिक्षा मंत्री रह चुके हैं उन्हें गृह मंत्रालय की भी जिम्मेदारी दी गई थी। वे सेवड़ा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक रहे हैं। बौद्ध के दिग्विजय सिंह से मधुर संबंध हैं, इसलिए उनकी कांग्रेस में जाने की हलचल तेज है।
अंशु रघुवंशी ने भाजपा से इस्तीफा दिया
गुना से भाजपा को एक और झटका लगा। पूर्व विधायक और कद्दावर नेता स्व देवेंद्र सिंह रघुवंशी की बेटी अंशु रघुवंशी ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया। वे ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा में शामिल हुई थी। कहा जा रहा कि वे हजारों समर्थकों के साथ शनिवार को कमलनाथ के समक्ष कांग्रेस में शामिल होंगी।
आज की राजनीतिक घटना से साफ़ होगा कि भाजपा में अंदर ही अंदर क्या पाक रहा है। क्योंकि, ये सिर्फ छह नेता नहीं, इनके पीछे उनके समर्थकों की एक बड़ी फौज है जो इनके साथ कांग्रेस में आएंगे। इस बारे में भाजपा के कुछ नेताओं से जब पूछा गया तो उनका कहना है की इन नेताओं के जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
बसपा नेता गुड्डू राजा का बुंदेलखंड में प्रभाव
उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में बसपा के कद्दावर नेता रहे गुड्डू राजा ‘बुंदेला’ भी कल कांग्रेस में शामिल होने वाले हैं। पार्टी गुड्डू राजा को खुरई से चुनाव लड़ा सकती है। गुड्डू राजा के पिता सुजान सिंह बुंदेला तीन बार कांग्रेस के सांसद रहे हैं और वे इंदिरा गांधी के काफी निकट रहे। गुड्डू राजा बुंदेला का पूरा परिवार ही राजनीतिक रसूख रखता है। उनके परिवार की बुंदेलखंड की राजनीति में अलग ही पहचान है। इसलिए माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश से लगी बुंदेलखंड की सभी सीटों पर कांग्रेस के लिए गुड्डू राजा बुंदेला खासे प्रभावी साबित हो सकते हैं।
बुंदेलखंड की सियासत में अब कांग्रेस की ताकत मजबूत नजर आ रही है। इसकी वजह है बुंदेलखंड की सियासत में अलग पहचान रखने वाले ललितपुर के बुंदेला परिवार के गुड्डू राजा बुंदेला बसपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामने वाले हैं। वैसे तो गुड्डू राजा उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, लेकिन अब वे मध्यप्रदेश की राजनीति में एंट्री करने जा रहे हैं। उनकी राजनीतिक शुरुआत समाजवादी पार्टी से हुई थी, बाद में वे बहुजन समाज पार्टी में आ गए थे। वे खुद भी विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं।