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अक्टूबर अंत में जब दिन का तापमान ३२ डिग्री तक आ जाए और दिन व रात के तापमान में १०/१२ डिग्री का अंतर रहे तब प्रूनिंग करना उत्तम रहता है । प्रूनिंग करते समय ध्यान ये रखना चाहिए कि तापमान न बहुत बढ़े न एकदम से बहुत कम हो । सही तापमान में प्रूनिंग के लिए लिया गया निर्णय सबसे बेहतर परिणाम देता है।
प्रूनिंग करने से एक हफ्ते/ दस दिन पहले गुलाब को सुप्तावस्था से जगाने प्रकिया आरंभ हो जाती है । सबसे पहले १२:६१ NPK देना उत्तम रहता है । उसके बाद प्रूनिंग के चार दिन पूर्व सरसों खली का पानी दे देना गुलाब को ऊर्जा देता है फिर एक दिन पहले शाम को कोई भी कीटनाशक एप्सम साल्ट के साथ मिला कर छिड़काव करें। अगली सुबह गुलाब को नवजीवन देने हेतु प्रूनिंग की जाएगी साफ कटर से एक समान टहनियां काट लीजिए गुलाब को गुलदस्ते-सा आकार देते हुए सूखी टहनियां, सभी पत्तियां निकाल लीजिए। फिर कोई भी फंगीसाइड का छिड़काव कर लीजिए। इसके बाद गुलाब में नमी बनाए रखें, जिससे नए फुटाव में सहायता मिलेगी। अब नया फुटाव आने के बाद भरपेट खाना सप्ताह में दो बार दीजिए (मात्रा पौधे को आयु व आकार पर निर्भर करती है ) साथ ही कीटकों से बचाव के लिए कीटनाशक का छिड़काव कीजिए(एक लीटर पानी में एक मिलीलीटर )जिससे आपका गुलाब स्वस्थ रहेगा व पूरी सर्दी फूलों से भरा रहेगा ।

डॉं सबरीना जाफरी
इंदौर
(गुलाब बागवानी विशेषज्ञ)
Murraya_paniculata: चाँदनी रात हो और मधुकामनी का साथ हो, तो क्या कहने…

