Digvijay Singh- Kamalnath Meeting: आलाकमान की नाराजगी के बाद दिग्विजय-कमलनाथ के गिले-शिकवे हुए दूर

कांग्रेस सरकार गिरने को लेकर हाल में दोनों के बीच हुआ था वॉक युद्ध

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Digvijay Singh- Kamalnath Meeting: आलाकमान की नाराजगी के बाद दिग्विजय-कमलनाथ के गिले-शिकवे हुए दूर

 

भोपाल: कांग्रेस आलाकमान की नाराजगी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने गुरुवार को दिल्ली में मुलाकात की। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखकर यह जताने का प्रयास किया कि उनके और कमलनाथ के बीच गिले-शिकवे अब दूर हो गए हैं। गौरतलब है कि हाल ही में दिग्विजय सिंह ने एक इंटरव्यू में मार्च 2020 में कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार गिरने को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ के बीच मतभेदों को जिम्मेदार बताया था। वहीं, कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा था कि सिंधिया को लगता था दिग्विजय सिंह सरकार चला रहे इस कारण उन्होंनें सरकार गिराई थी।

कांग्रेस के पुराने दिग्गज नेताओं के बीच वार-पलटवार के बीच अचानक कांग्रेस के दोनों नेताओं की गुरुवार को दिल्ली में मुलाकात हुई। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ से मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की।

*छोटे-मोटे मतभेद रहे, लेकिन मनभेद कभी नहीं* 

इस मुलाकात के बाद दिग्विजय सिंह ने लिखा, कमलनाथ और मेरे लगभग 50 वर्षों के पारिवारिक संबंध रहे हैं। हमारे राजनीतिक जीवन में उतार चढ़ाव आते रहे हैं और ये स्वाभाविक भी हैं। हमारा सारा राजनीतिक जीवन कांग्रेस में रहते हुए विचारधारा की लड़ाई एक जुट होकर लड़ते हुए बीती है और आगे भी लड़ते रहेंगे। छोटे मोटे मतभेद रहे हैं लेकिन मनभेद कभी नहीं। हम दोनों को कांग्रेस पार्टी नेतृत्व ने खूब अवसर दिए और जनता का प्यार सदैव मिलता रहा है। आगे भी हम मिल कर जनता के हित में कांग्रेस के नेतृत्व में सेवा करते रहेंगे।

*आलाकमान था नाराज* 

सूत्रों की मानी जाए तो दिग्विजय सिंह ने इंटरव्यू में जो कहा और उसके बाद कमलनाथ ने भी उसका जवाब दिया, इससे कांग्रेस के केंद्रीय नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह से नाराज थे। जब दिग्विजय सिंह का इंटरव्यू आया उस वक्त प्रदेश में संगठन सृजन के तहत जिला अध्यक्षों की नियुक्ति दस दिन पहले ही हुई थी। कई जगह पर जिला अध्यक्षों के विरोध कांग्रेस नेता ही कर रहे थे। ऐसे में कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मध्य प्रदेश कांग्रेस में किसी भी स्तर पर गुटबाजी नहीं चाहते थे और उसी बीच इन दोनों नेताओं के इस तरह के बयान सामने आए।