तब भारत विकसित राष्ट्र और विश्व गुरु साथ-साथ बनेगा…

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तब भारत विकसित राष्ट्र और विश्व गुरु साथ-साथ बनेगा…

कौशल किशोर चतुर्वेदी

वृन्दावन की सुदामा कुटी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भारत के हिन्दू राष्ट्र और विश्व गुरु बनने की बात एक बार फिर छेड़ दी है।हालांकि भागवत खुद ही पहले कई बार कह चुके हैं कि भारत हिन्दू राष्ट्र है। पर यदि भागवत कह रहे हैं कि भारत हिन्दू राष्ट्र बनकर रहेगा यानी आगामी समय में सरकार भारत को घोषित रूप से हिंदू राष्ट्र का दर्जा देने की तैयारी कर रही है, यह माना जा सकता है। और भागवत आगामी 20-30 सालों में भारत के विश्वगुरु होने का संकेत दे रहे हैं तो यह माना जा सकता है कि यह अवधि 2047 के आस-पास की ही है, जब तक मोदी सरकार भारत के विकसित राष्ट्र बनने का दावा लगातार कर रही है। यानी कि भारत विकसित होने के साथ साथ हिंदू राष्ट्र के रूप में विश्व गुरु का दर्जा पाएगा और विश्व में शांति कायम करेगा। भागवत की यह सोच सच में बदल सकती है। इसमें कोई संदेह नहीं किया जा सकता। हाल में हो रहे वैश्विक घटनाक्रम शायद इसकी गवाही दे रहे हैं। और जिस तरह ट्रंप भारत पर 500 फीसदी टैक्स लगाने का दंभ भर रहे हैं, यह हालात भी भारत के आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने में पूरी तरह से सहायक नजर आ रहे हैं।

तो आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र बनकर रहेगा और इसे कोई रोक नहीं सकता है। हमने बलिदान देकर धर्म को बचा कर रखा है। आज दुनिया में सनातन का डंका बज रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हम खड़े हो गए तो दुनिया में हमारे सामने कोई शक्ति नहीं है जो टिक सके। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मथुरा के वृंदावन में एक समारोह में दो टूक कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र बनकर रहेगा और इसे कोई रोक नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले 20-30 वर्षों में भारत विश्वगुरु बनकर सुख-शांति भरा जीवन देने वाला राष्ट्र बनेगा।

वृंदावन की सुदामा कुटी आश्रम के शताब्दी महोत्सव में भाग लेने पहुंचे मोहन भागवत ने सुदामा कुटी के महंत सुदीक्षक दास महाराज मनी ऋषि, साध्वी ऋतंभरा, मलूक पीठ राजेंद्र दास महाराज और अन्य संतो के सानिध्य में कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। उन्होंने भक्ति को ही शक्ति बताया और कहा कि पश्चिम खुद को सृष्टि का स्वामी समझता है, जबकि हम सृष्टि के स्वामी नहीं हम सृष्टि के अंग हैं। उन्होने कहा “हम भारत में रहने वाले सभी लोगों को हिंदू समझते हैं, लेकिन बाहरी लोग हमें अलग-अलग जातियों में देखते हैं। हमें एक होना होगा। सभी हिंदू एक हो, सभी के साथ बैठे उठे खाएं बातचीत करें।” भागवत ने हिंदुओं की एकता पर जोर देते हुए कहा कि आरएसएस का कुटुंभ प्रबोधन यही है। हमने बलिदान देकर धर्म को बचा कर रखा है। आज दुनिया में सनातन का डंका बज रहा है। हम संघ कार्य में भक्ति से राष्ट्र सेवा करते हैं। शक्ति जागरण का कार्य हमको करना है, भक्ति कार्य करने वाले संत हैं, इसलिए मैं ऐसे आयोजन में जाता हूं। उन्होने कहा, “हम खड़े हो गए तो दुनिया में हमारे सामने कोई शक्ति नहीं है जो टिक सके। संकट आते हैं धैर्य से सामना करने वालों के सामने नहीं टिकते। इस परिस्थिति को हमने पहले भी देखा है। जैसे हम सनातनी धार्मिक हिंदू एक होते जाएंगे। ये शक्तियां टूटती जाएंगी। हमें शक्ति के आधार पर चलना है, ऐसे आयोजनों में जाना संतों के उपदेश को पाना ऐसे सबको जोड़ते चलें।”

ट्रंप का पागलपन वेनेजुएला को बलात कब्जे में लेने की कोशिश, बार बार ग्रीन लैंड पर कब्जा करने की धमकी, ईरान में बिगड़ते हालात, रूस-यूक्रेन युद्ध का जारी रहना और ट्रंप की नाकामी, इजरायल और मध्य पूर्व का संकट, पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन, कोरिया, जापान, यूरोप सहित पूरी दुनिया में घिरे संकट के बादल आदि सभी घटनाएँ यही संकेत दे रही हैं कि आगामी समय वैश्विक अशांति की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। और यदि तीसरा विश्व युद्ध होता है, तब वर्तमान महाशक्तियाँ नष्ट होने की कगार पर पहुंच चुकी होंगी। और तब आने वाला समय भारत का होगा। इससे पहले भारत खुद को हिन्दू राष्ट्र घोषित कर चुका होगा और विकसित बनने के साथ-साथ विश्व गुरु की भूमिका में स्थापित हो चुका होगा। सुदामाकुटी में भागवत द्वारा की गई कल्पना साकार होगी, यह विश्वास किया जा सकता है…।

 

 

 

लेखक के बारे में –

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।