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लेकिन इस अहम मुलाकात के एक दिन पहले रात में दिल्ली में ही एक और खास मुलाकात प्रदेश के कद्दावर नेता- कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और सीएम डॉ मोहन यादव के बीच हुई। राजनीतिक सूत्रों की बात पर अगर भरोसा किया जाए तो दोनों दिल्ली में एक समारोह में मिले। बताया गया है कि जैसे ही यादव व विजयवर्गीय की नजरें मिलीं तो दोनों औपचारिक अभिवादन के बाद एक दूसरे के हाथ पकड़कर कुछ एकांत की तरफ बढ़ गए। दोनों के बीच कुछ मिनट तक गुफ्तगू का दौर चलता रहा। उस समारोह में मोहन-कैलाश के रिश्तों के ‘जानकार’ मौजूद थे, वे दोनों की भाव भंगिमा देखकर अंदाजे लगाते रहे।

बता दे कि कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल पिछली दो कैबिनेट बैठकों में लगातार मौजूद नहीं रहे,इनमें एक बैठक तो बड़वानी वाली डेस्टिनेशन बैठक थी और दूसरी इसी मंगलवार को भोपाल में हुई थी।इससे पहले कैलाश और प्रहलाद की दिल्ली में अमित शाह से अलग अलग मुलाकातें तथा इसी दिन शाह व मोहन यादव की चर्चा काफी अहम रही हैं। अमित शाह के साथ यह बैठक भले ही अलग-अलग हुई हो लेकिन माना जा रहा है कि इन तीनों नेताओं को यह संदेश दिया गया है कि आपसी रिश्ते और तालमेल को बेहतर बनाएं।

राजनीतिक गलियारों में यही चर्चा हैं कि आलाकमान की मंशा के अनुरूप ये सभी नेता भी आपसी ट्यूनिंग बेहतर करने की भरसक कोशिश करने का मौका ढूंढते रहते हैं। लिहाजा लगने लगा है कि मोहन, शिवराज,कैलाश और प्रहलाद के बीच बर्फ पिघलने की शुरूआत हो चुकी है। हालांकि कहा ही जाता है कि राजनीति में दोस्ती-दुश्मनी कभी स्थाई नहीं होते, लिहाजा यह देखना दिलचस्प होगा कि अभी क्या होता है और कैसे मोड़ आते हैं!

