सुबबूल, नीलगिरी सहित 5 वृक्षों के परिवहन के लिए अब TP जरुरी नहीं

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सुबबूल, नीलगिरी सहित 5 वृक्षों के परिवहन के लिए अब TP जरुरी नहीं

भोपाल: सुबबूल,विलायती बबूल, नीलगिरी सहित पांच प्रकार के वृक्षों के परिवहन के लिए अब परिवहन अनुज्ञा पत्र टीपी की जरुरत नहीं होगी। वन विभाग ने इन वृक्षों के परिवहन के लिए टीपी की अनिवार्यता खत्म कर दी है।

इसके लिए भारतीय वन अधिनियम के तहत मध्यप्रदेश अभिवहन वनोनज नियम 2022 में संशोधन किया है। ऐसे वृक्ष जिनकी अधिसूचित वन क्षेत्र में उपलब्धता नगणय है यदि वे निजी व्यक्त्यिोें के स्वामित्व में है तो उन्हें परिवहन अनुज्ञा पत्र की जरुरत नहीं होगी।

इन पांच प्रकार के वृक्षों में यूकेलिप्टस प्रजाति के नीलगिरी केसूरिमा इक्विसिटीफोलिया प्रजाति के कैसुरिना, पालुलस प्रजाति के पोपलर, ल्यूसिनिया ल्यूकोसिफेला प्रजाति के सुबबूल, प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा प्रजाति के विलायती बबूल के परिवहन के लिए अब टीपी की जरुरत नहीं होगी। ये सभी वृष औषधीय उपयोग, लकड़ी के फर्नीचर, कागज और प्लाईवुड, र्इंधन और कृषि वानिकी में उपयोग किए जाते है। ग्रामीण क्षेत्रों मं इन वृक्षों का परिवहन काफी मात्रा में किया जाता है। TP से छूट मिलने से निजी भूमि पर इन वृक्षों को लगाने वाले ग्रामीणों को लाभ हो सकेगा।