Rare medical case: मध्य प्रदेश में किसान के सिर से उगा सींग-नुमा उभार, सफल सर्जरी के बाद चिकित्सा जगत में फिर चर्चा

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Rare medical case: मध्य प्रदेश में किसान के सिर से उगा सींग-नुमा उभार, सफल सर्जरी के बाद चिकित्सा जगत में फिर चर्चा

SAGAR: मध्य प्रदेश के सागर जिले से जुड़ा एक दुर्लभ चिकित्सीय मामला एक बार फिर चर्चा में है। एक साधारण किसान के सिर के बीचोंबीच वर्षों तक उगता रहा कठोर, सींग-नुमा उभार न केवल स्थानीय लोगों के लिए कौतूहल बना, बल्कि चिकित्सा विज्ञान के लिए भी अध्ययन का विषय रहा। हाल के दिनों में ऐसे ही अन्य दुर्लभ मामलों पर आई मेडिकल अपडेट्स के बाद यह केस दोबारा प्रासंगिक माना जा रहा है।

● सागर जिले का मामला, जिसने खींचा था अंतरराष्ट्रीय ध्यान

यह मामला सागर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले किसान श्याम लाल से जुड़ा है। कई वर्ष पहले सिर में मामूली चोट लगने के बाद उसी स्थान पर त्वचा मोटी होने लगी और धीरे-धीरे वहां से एक कठोर संरचना बाहर की ओर बढ़ने लगी। समय के साथ यह उभार बिल्कुल जानवर के सींग जैसा दिखने लगा।

● नजरअंदाज होती रही असामान्य वृद्धि

शुरुआती वर्षों में इस उभार से न दर्द हुआ, न कोई बड़ी परेशानी। ग्रामीण पृष्ठभूमि में किसान ने इसे सामान्य मान लिया और कभी-कभी खुद या नाई से इसकी छंटाई करवा लेता था। कठोरता नाखून जैसी होने के कारण उसे यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं लगा।

● आकार बढ़ने पर बढ़ी चिंता, डॉक्टरों से किया संपर्क

जब यह उभार काफी लंबा और मोटा हो गया और सामाजिक असहजता के साथ-साथ शारीरिक परेशानी भी होने लगी, तब किसान ने डॉक्टरों से संपर्क किया। जांच और स्कैन के बाद सामने आया कि यह कोई हड्डी या ट्यूमर नहीं, बल्कि एक अत्यंत दुर्लभ त्वचा संबंधी स्थिति है।

● क्या निकला

चिकित्सकीय परीक्षण में डॉक्टरों ने इसे कटेनियस हॉर्न यानी त्वचा का सींग बताया। यह पूरी तरह से केराटिन से बना था, वही प्राकृतिक तत्व जो मानव बाल और नाखूनों में पाया जाता है। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि इसकी जड़ें उथली थीं और यह कैंसर रहित था।

● सफल सर्जरी

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी के माध्यम से इस सींग-नुमा संरचना को पूरी तरह सुरक्षित तरीके से निकाल दिया। ऑपरेशन के बाद किसान की स्थिति स्थिर रही और धीरे-धीरे वह सामान्य जीवन में लौट आया।

● फिर चर्चा में आया यह केस

बीते कुछ समय में देश-विदेश में ऐसे ही दुर्लभ कटेनियस हॉर्न के अन्य मामले सामने आए हैं, जिनमें सिर, चेहरे, कान और पुराने घावों की जगह पर ऐसी कठोर वृद्धि पाई गई। इन नए मामलों के कारण सागर का यह पुराना केस एक बार फिर उदाहरण के तौर पर चर्चा में है कि समय रहते पहचान और इलाज कितना जरूरी है।

● चिकित्सा विज्ञान के लिए क्या महत्व

विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामले बताते हैं कि लंबे समय तक उपेक्षित त्वचा परिवर्तन भविष्य में असामान्य रूप ले सकते हैं। यह भी स्पष्ट हुआ है कि हर सींग-नुमा वृद्धि खतरनाक नहीं होती, लेकिन जांच जरूरी होती है क्योंकि कुछ मामलों में इसके नीचे गंभीर रोग छिपा हो सकता है।

● डॉक्टरों की सलाह

चिकित्सकों का कहना है कि शरीर पर किसी भी असामान्य, कठोर या लगातार बढ़ती संरचना को अंधविश्वास या सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच से न केवल जटिलताओं से बचा जा सकता है, बल्कि सर्जरी भी अपेक्षाकृत सरल रहती है।

● निष्कर्ष

सागर जिले का यह मामला दिखाता है कि एक साधारण किसान की अनदेखी की गई समस्या किस तरह चिकित्सा विज्ञान के लिए मिसाल बन सकती है। हालिया मेडिकल अपडेट्स के संदर्भ में यह केस आज भी उतना ही प्रासंगिक है और जागरूकता का संदेश देता है कि समय पर इलाज ही सबसे बड़ा बचाव