कॉलेजों में अनिवार्य रूप से 8 घंटे रुकेंगे कर्मचारी- उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में आयुक्त सिपाहा के सख्त निर्देश

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कॉलेजों में अनिवार्य रूप से 8 घंटे रुकेंगे कर्मचारी- उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में आयुक्त सिपाहा के सख्त निर्देश

भोपाल: उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य के सभी कॉलेजों के प्राचार्य शामिल हुए। बैठक में शैक्षणिक गुणवत्ता, छात्र कल्याण योजनाओं और प्रशासनिक अनुशासन पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान कॉलेजों में कर्मचारियों की कम उपस्थिति को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए आयुक्त प्रबल सिपाला ने स्पष्ट आदेश दिए कि अब सभी कर्मचारी सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक कॉलेज में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। बैठक में प्राचार्यों ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया कि जहां शैक्षणिक स्टाफ 6 से 7 घंटे नियमित रूप से कॉलेज में कार्यरत रहता है, वहीं कई गैर-शैक्षणिक कर्मचारी केवल दो से तीन घंटे ही ड्यूटी करते हैं। इस पर गंभीर आपत्ति दर्ज करते हुए आयुक्त सिपाहा ने कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गांव की बेटी और प्रतिभा किरण पर फोकस

आयुक्त सिपाहा ने प्राचार्यों से गांव की बेटी योजना और प्रतिभा किरण योजना के तहत नवीनीकरण के लिए प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली। इसके अलावा बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों को नि:शुल्क पुस्तक और स्टेशनरी वितरण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। इंक्यूबेशन सेंटर की प्रगति की समीक्षा की गई। विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक कॉलेज में पीयर सपोर्ट ग्रुप गठित करने और एक विद्यार्थी को मेंटल हेल्थ एम्बैसेडर नामित करने के निर्देश दिए गए। प्राचार्यों को यह भी कहा गया कि वे योग्य छात्रों को काउंसलर के रूप में चयनित करें।

एनआईआरएफ में हासिल करें रैकिंग

प्रदेश के कालेजों की एनआईआरएफ में रैकिंग हासिल करने के लिए आयुक्त ने सभी प्राचार्यों को डीसीएस जमा करने के लिए कहा है। इससे कालेजों की व्यवस्था दुरुस्थ होंगी। वहीं विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा।