
मध्य प्रदेश में खत्म हो सकता है 5 डेज वीक, कार्यालयों के कामकाज में कसावट लाने CM ने दिए निर्देश!
भोपाल: मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए यह खबर अच्छी नहीं हो सकती है।
राज्य सरकार अब सरकारी दफ्तर में फिर से 5 डेज वीक का करने वाली है और इस प्रकार पूर्व अनुसार सप्ताह में 6 दिन अब कार्यालय काम कर सकते हैं।
दरअसल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कर्मचारियों की वर्तमान कार्यशैली में सुधार लाना चाहते हैं। कार्यों में लेट लतीफी को लेकर उन्होंने चेतावनी भी दे दी है कि अगर कार्य सुधार नहीं हुआ तो 5 डे वर्किंग की व्यवस्था को खत्म कर पुनः पुरानी व्यवस्था 6 दिन काम करने वाली लागू कर दी जाएगी।
बता दे कि कोरोना कल में जब संक्रमण काल था और कोरोना के फैलने से लोग बीमार हो रहे थे और लोगों की मौत हो रही थी, तब राज्य सरकार ने पहले वर्क फ्रॉम होम सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू किया था। बाद में सरकारी कर्मचारियों के लिए सप्ताह में 6 दिन की जगह 5 दिन काम कार्यालय में कार्य शुरू किए जाने का निर्णय लिया था। तब से यह लगातार 5 डेज वीक चल रहा है। कोरोना के संक्रमण को समाप्त हुए दो-तीन साल हो चुके हैं। बता दे कि राज्य शासन ने 5 डेज वीक करने के बाद वर्किंग अवर्स को बढ़ाया था सुबह 10:30 की बजाय 10 और शाम को 5:30 बजे के बजाय 6:00 बजे तक टाइम किया गया था लेकिन देखने में यह आ रहा है कि कर्मचारी अधिकारी दफ्तरों में मिलते नहीं हैं और शाम 6:00 बजे के बजाय काफी पहले चले जाते हैं। शुक्रवार को तो कई कर्मचारी तो लंच ब्रेक के बाद ही गायब हो जाते हैं। ऐसे में मंत्रालय में काम पर आने वाले प्रदेश के कई जिलों के लोग परेशान हो जाते हैं। अगर शुक्रवार को उनका काम नहीं हुआ तो उन्हें तीन दिन रुकना पड़ता है और सोमवार तक इंतजार करना पड़ता है।
ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री मंत्रालय सहित सभी शासकीय कार्यालय के कामकाज में कसावट लाने के लिए संकल्पित नजर आ रहे हैं। अभी कुछ दिन पहले उनके निर्देश पर कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर छापेमारी भी हो चुकी है। लेकिन देखा गया है कि अभी भी कर्मचारियों के कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ है। अब मुख्यमंत्री और भी कुछ सख्त निर्णय ले सकते हैं। ऐसे कर्मचारी जो लगातार गायब पाए जाते हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।





