SUSPEND: 5 दिनों से गैरहाजिर प्रधान पाठक ने गलत तरीके से डाल दी अपनी हाजिरी, शराब सेवन का भी आरोप, DEO ने किया सस्पेंड

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SUSPEND: 5 दिनों से गैरहाजिर प्रधान पाठक ने गलत तरीके से डाल दी अपनी हाजिरी, शराब सेवन का भी आरोप, DEO ने किया सस्पेंड

जशपुर: SUSPEND: लगातार 5 दिनों से गैरहाजिर प्रधान पाठक ने गलत तरीके से अपनी हाजिरी लगाने के कारण DEO ने सस्पेंड कर दिया है। प्रधान पाठक पर स्कूल में शराब सेवन का भी आरोप है।

बताया गया है कि अक्सर शराब के नशे में स्कूल पहुंचने वाले प्रधान पाठक 5 दिनों तक गैरहाजिर रहे और बाद में उन्होंने रजिस्टर पर पूरी उपस्थिति दर्शा दी। इस मामले की शिकायत के बाद जांच हुई और रिपोर्ट सही मिलने के बाद DEO द्वारा निलंबन की कार्यवाही की गई।

यह मामला जशपुर जिले का है, जहां के पत्थलगांव विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला ढोढापानी के प्रधान पाठक सुनील कुजूर को निलंबित कर दिया गया है। बिना सूचना के पांच दिनों तक स्कूल से अनुपस्थित रहने, उपस्थिति पंजी में गलत एंट्री करने और शराब सेवन के आरोपों की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

जिला शिक्षा अधिकारी जशपुर ने जांच प्रतिवेदन के आधार पर यह कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि प्रधान पाठक पर विद्यालय से बिना सूचना और बिना अवकाश स्वीकृत कराए कई दिनों तक अनुपस्थित रहने के साथ ही उपस्थिति पंजी में गलत तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के आरोप लगे थे। विकासखंड शिक्षा अधिकारी पत्थलगांव को पिछले महीने यह शिकायत मिली थी कि शासकीय प्राथमिक शाला ढोढापानी के प्रधान पाठक सुनील कुजूर लगातार विद्यालय से अनुपस्थित रहते हैं। शिकायत में यह भी कहा गया था कि वे बिना सूचना दिए कई दिनों तक स्कूल नहीं आते, जिससे विद्यालय का शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है।शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच की गई, जिसमें यह सामने आया कि प्रधान पाठक सुनील कुजूर पिछले माह करीब पांच दिनों तक बिना किसी सूचना या स्वीकृत अवकाश के विद्यालय से अनुपस्थित रहे।

हैरानी की बात यह भी सामने आई कि स्कूल में उपस्थित न रहने के बावजूद उपस्थिति पंजी में उनकी उपस्थिति दर्ज पाई गई। इस पर संदेह होने के बाद मामले की विस्तृत जांच कराई गई।पढ़ने वाले छात्रों के बयान भी दर्ज किए गए।

जांच में यह आरोप भी सामने आया कि प्रधान पाठक अक्सर शराब का सेवन करते थे और इसी कारण कई बार विद्यालय नहीं पहुंचते थे। ग्रामीणों का कहना था कि शिक्षक की इस आदत के कारण स्कूल का माहौल भी प्रभावित हो रहा था और बच्चों की पढ़ाई पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा था। जांच टीम ने विद्यालय के छात्रों से भी बातचीत की। छात्रों के बयान में भी यह बात सामने आई कि कई बार प्रधान पाठक स्कूल नहीं आते थे, जिससे पढ़ाई बाधित होती थी। इन सभी तथ्यों और बयानों को आधार बनाकर जांच प्रतिवेदन तैयार किया जांच पूरी होने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी पत्थलगांव द्वारा विस्तृत प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी जशपुर को भेजा गया। रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को गंभीर मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रधान पाठक सुनील कुजूर के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर दी।