
युवा विधायकों के सम्मेलन में बोले CM डॉ यादव – बच्चों में दम होगा तो वे राजनीति में जम जाएंगे, जबरदस्ती लाकर राजनीति भी खराब हो जाती है
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने छात्र संघ के चुनाव करवाने की मांग की – कहा – नेतृत्व की शुरूआत कॉलेज से होती है
भोपाल : मध्य प्रदेश विधानसभा में मध्य प्रदेश सहित छत्तीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायकों के दो दिवसीय सम्मेलन की शुरूआत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजनेताओं द्वारा अपने बच्चों को राजनीति में लाए जाने पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि बच्चों में दम और काबलियत होगी तो वे राजनीति में जम जाएंगे, उन्हें जबरदस्ती लाकर हमारी राजनीति भी खराब हो जाती है।
उन्होंने युवा विधायकों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन बहुत जरूरी है। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने छात्र संघ के चुनाव करवाने की मांग इस आयोजन के जरिए की है। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कहा ने कहा कि राम को कहां सिंहासन मिलने वाला था और तभी उन्हें बनवास हो गया। विक्रमादित्य ने अपने बच्चों को राजा नहीं बनाया, वे तो समर्थ थे। बच्चों में दम होगा तो वे भी बन जाएंगे। जबरदस्ती लाकर बनाने से हमारी राजनीति भी खराब हो जाती है। उन्होंने युवा विधायकों को टिप्स देते हुए कहा कि जनता के बीच हमेशा विनम्रता से रहे। राजनीति में मर्यादा की आवश्यकता है। अनुशासन के आधार पर हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि पार्टी हमसे क्या अपेक्षा रखती है। पार्टी के साथ बुरे वक्त में बने रहें। क्षेत्र की अच्छाई को भी समझें और कमजोरी को भी समझें। बड़ी से बड़ी परेशानी आए तो शांति से उसका मार्ग निकालो। अगर राजनीतिक क्षेत्र में आने के बाद हमारे परिवार पर गलत असर पड़ जाए, बच्चे गलत दिशा में चले जाएं तो ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि इतनी व्यस्तता होने के बाद भी मैं स्वाध्याय और व्यायाम के लिए समय निकालता हूं।
किसी भी सरकार को यह संभव नहीं की पूरे काम कर दे
वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा मध्य प्रदेश में छात्र संघ चुनाव बंद हो गए। नेतृत्व की शुरूआत कॉलेज से होती है। कॉलेज के समय युवाओं के अंदर सिस्टम से लड़ने की आग होती है। वहीं से शुरूआत होती है सोच विचार की और सिस्टम से लड़ने की। उन्होंने कहा कि जनता यह देखती है कि विधानसभा में आप अपने क्षेत्र की कौन सी बात उठा रहे हैं? विधानसभा क्षेत्र में हजारों-करोड़ों के काम होते हैं। किसी की भी सरकार हो, यह संभव नहीं है कि पूरे काम कर दे। महत्वपूर्ण यह है कि उन कामों में से कौन सा काम ऐसा है, जो आपके क्षेत्र को संभालता है। मजबूत करता है। हर व्यक्ति की, पार्टी कार्यकर्ताओं की आपसे अपेक्षाएं होती हैं। जिस काम से क्षेत्र की जनता को अधिक से अधिक फायदा हो, उसको प्राथमिकता देनी चाहिए। हर जगह बजट की परेशानी होती है। कोई भी सरकार आपकी अकेली विधानसभा में हजारों करोड़ का बजट नहीं देगी।
ऐसे साधा निशाना
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आजकल एक बात होती है कि यह मेरी पार्टी का है, इसे काम देना है। ये मेरी पार्टी का नहीं है, इसे नहीं देना है। विकास के नाम पर कभी विरोध नहीं होना चाहिए। अगर आपने सड़क बनाई है तो क्या हमारे लोग उस पर नहीं चलेंगे। अगर कांग्रेस ने पानी की लाइन डाली है तो क्या बीजेपी के लोग पानी नहीं पीएंगे। मैं कहना चाहता हूं कि सबका विकास करो।




