
Body Donation and Eye Donation : रेडक्रॉस सोसायटी एवं नेत्रम संस्था के संयुक्त प्रयास से देहदान एवं नेत्रदान सम्पन्न!
Ratlam : शहर के कस्तूरबा नगर निवासी राजेन्द्र सिंह चूंडावत की धर्मपत्नी निशा चूंडावत के असामयिक निधन के पश्चात एक अत्यंत प्रेरणादायक एवं मानवीय उदाहरण सामने आया। समाजसेवी गिरधारी लाल वर्धानी एवं श्रीनिवास जाधव की प्रेरणा से राजेन्द्र सिंह चूंडावत एवं उनके परिजनों ने दुःख की इस घड़ी में साहसिक निर्णय लेते हुए देहदान एवं नेत्रदान करने की सहमति प्रदान की। यह निर्णय समाज के लिए सेवा, त्याग और मानवता की अनुपम मिसाल बना।
परिजनों की सहमति के पश्चात रविवार सोमवार की मध्य रात्रि में रतलाम मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अनीता मुथा को सूचना दी गई। उनके मार्गदर्शन में नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. रिशेन्द्र सिसोदिया के नेतृत्व में नर्सिंग ऑफिसर राजवंत सिंह एवं विनोद कुशवाह की टीम द्वारा सफलतापूर्वक नेत्रदान की प्रक्रिया पूर्ण की गई। अगले दिन प्रातः देहदान की प्रक्रिया के दौरान निशा चूंडावत के निवास पर मध्यप्रदेश शासन की और से गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इस अवसर पर तहसीलदार ऋषभ ठाकुर ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि देहदान एवं नेत्रदान मानवता की सर्वोच्च सेवा हैं। जो मृत्यु के पश्चात भी जीवन को सार्थक बनाती है।
रेडक्रॉस सोसायटी रतलाम के चेयरमैन प्रितेश गादिया ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि निशा चूंडावत का यह निर्णय समाज के लिए एक प्रेरणादाई स्रोत है। इससे न केवल मेडिकल शिक्षा को लाभ मिलेगा बल्कि नेत्रदान के माध्यम से कई लोगों के जीवन में प्रकाश भी पहुंचेगा।

शोकसभा का संचालन सुशील मीनू माथुर द्वारा गरिमामय रूप से किया गया, जिसमें उपस्थित सभी ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
रेडक्रॉस सोसायटी के संचालक हेमन्त मूणत ने बताया कि परिजनों की तत्परता एवं जागरूकता के कारण ही समय पर नेत्रदान एवं देहदान की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण हो सकी। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे भी इस पुनीत कार्य के प्रति जागरूक होकर समाज सेवा में अपना योगदान दें। मेडिकल कॉलेज में देहदान की प्रक्रिया पूर्ण होने पर डीन डॉ. अनीता मुथा, शरीर रचना विभागाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंगरौली, डॉ. अनिल पटेल, डॉ. संभाजी राव, डॉ. निशांत गडाला, डॉ. प्रवीण भारती, डॉ. शिव, डीएच अटेंडर सुनील महावर एवं छोगालाल सहित समस्त स्टाफ ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
रेडक्रॉस सोसायटी के संचालक डॉ. सुलोचना शर्मा, हेमन्त मूणत, सुशील मीनू माथुर, नवनीत मेहता, प्रशांत व्यास, शीतल भंसाली, गिरधारीलाल वर्धानी, भगवान ढालवानी, गोपाल जोशी, राजू मलकानी, जय टेकचंदानी, हरीश दरवानी, शिवम माथुर, चेतन जोशी, राजेंद्र राठौर, मनोहर सिंह, गिरीश, वीरेन्द्र सिंह एवं पुरुषोत्तम दिलीप सिंह सहित अनेक गणमान्यजन मौजूद रहें। यह प्रेरणादायक कार्य समाज को यह संदेश देता है कि जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य मानव सेवा हैं और निस्वार्थ भाव से लिया गया ऐसा निर्णय कई जिंदगियों में उजाला ला सकता हैं। शोकसभा का संचालन सुशील मीनू माथुर ने गरिमामय रूप से किया गया, जिसमें उपस्थित सभी ने मौजूद लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।





