
खरगोन में मौसम ने ली करवट, बारिश के साथ गिरे ओले; किसानों की बढ़ी चिंता
खरगोन: खरगोन जिले में मौसम ने अचानक करवट लेकर लोगों को चौंका दिया। सोमवार को जिले में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले पांच वर्षों में मार्च महीने का सबसे अधिक तापमान है। दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया, वहीं शाम होते-होते मौसम ने अचानक रूप बदल लिया और कई क्षेत्रों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई।
भीकनगांव तहसील के ग्राम पिपराड़ और गोराड़िया में तेज बारिश के साथ कंचे के आकार के ओले गिरे। इसके अलावा खरगोन और बिस्टान क्षेत्र में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिन किसानों ने गेहूं और चने की फसल काटकर खेतों या खलिहानों में रखी है, उनकी उपज को नुकसान पहुंचने की आशंका है। वहीं जिन किसानों की फसल अभी खेत में खड़ी है, उनके लिए भी यह बारिश और ओलावृष्टि नुकसानदायक साबित हो सकती है।
खरगोन और उससे लगे बड़वानी जिले में दोपहर के बाद बादल छाये रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की ओलावृष्टि से फसल की गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिससे बाजार में कीमत भी कम मिलती है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। सोमवार को न्यूनतम तापमान भी 21.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो मार्च महीने के लिए असामान्य रूप से अधिक है।
गौरतलब है कि पिछले वर्षों के रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2025 में 9 मार्च को 35.8 डिग्री, 2024 में 34.2 डिग्री, 2023 में 35.6 डिग्री और 2022 में 33.4 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया था। ऐसे में इस बार तापमान का 39 डिग्री तक पहुंचना मौसम में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।





