
AI Builders Award 2026; खरगोन के किसान के बेटे ने बढ़ाया जिले का मान, AI क्षेत्र में मिला राष्ट्रीय सम्मान
खरगोन : मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के एक किसान परिवार से निकलकर पहचान बनाने वाले चिरंजीव पाटीदार ने एक बार फिर जिले का नाम रोशन किया है। चिरंजीव को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित AIM 40 Under 40 AI Builders Award 2026 से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान Analytics India Magazine द्वारा 27 मार्च 2026 को बेंगलुरु में आयोजित मशीन लर्निंग डेवलपर्स समिट 2026 के दौरान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में यह पुरस्कार भारतीय टेस्ट क्रिकेट के दिग्गज चेतेश्वर पुजारा और राजीव टंडन के हाथों दिया गया।

फ्रेंकलिन टेंपलटन इन्वेस्टमेंट हैदराबाद में प्रिंसिपल डेटा साइंटिस्ट के रूप में कार्यरत चिरंजीव के पास डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने विशेष रूप से यूएस म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए एआई आधारित सॉल्यूशंस, फंड रिकमेंडेशन सिस्टम और बिजनेस इंटेलिजेंस आर्किटेक्चर विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी खड़गपुर के पूर्व छात्र चिरंजीव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा खरगोन के केंद्रीय विद्यालय खरगोन से प्राप्त की। उनके पिता राजेंद्र पाटीदार खरगोन में खाद व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि माता ममता पाटीदार गृहिणी हैं।
कॉर्पोरेट क्षेत्र के साथ-साथ चिरंजीव शिक्षा और मेंटरिंग में भी सक्रिय हैं। वे ExcelR और Great Learning के माध्यम से प्रोफेशनल्स को AI और मशीन लर्निंग में प्रशिक्षण देकर उन्हें नई दिशा दे रहे हैं।
चिरंजीव ने CFA Institute से CFA Level II तथा National Institute of Securities Markets से म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन का प्रमाणपत्र भी प्राप्त किया है।
उनकी पत्नी देवयानी पाटीदार, जो SGSITS Indore की पूर्व छात्रा हैं, इंदौर स्थित Prismidica Investments में फाउंडिंग सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। हाल ही में दंपत्ति को पुत्र रत्न जय राघव की प्राप्ति हुई है। देवयानी इंदौर के प्रसिद्ध कॉन्ट्रैक्टर गजानंद पाटीदार की पुत्री है।
बता दे कि यह सम्मान उन नवाचारकर्ताओं को दिया जाता है, जो वास्तविक दुनिया में AI सिस्टम विकसित कर विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावशाली बदलाव ला रहे हैं। चिरंजीव की यह उपलब्धि न केवल खरगोन बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।





