छत्तीसगढ़ की तर्ज पर शेष शराब दुकाने चलाएगा आबकारी विभाग, 454 दुकानों का निष्पादन बाकी, फिर से टेंडर बुलाए

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छत्तीसगढ़ की तर्ज पर शेष शराब दुकाने चलाएगा आबकारी विभाग, 454 दुकानों का निष्पादन बाकी, फिर से टेंडर बुलाए

भोपाल:  मध्यप्रदेश में एक शराब दुकान के लिए बारह चरणों में भी अब तक कोई प्रस्ताव नहीं आया है। अब तक कुल 454 दुकानों का निष्पादन नहीं हो पाया है। अब आबकारी विभाग ने तेरहवे चरण में चार अप्रैल को फिर ई टेंडर के जरिए प्रस्ताव बुलाए है। तीस प्रतिशत से कम पर आने वाले प्रस्तावों पर विभाग विचार नहीं करेगा। एक अप्रैल से ठेके होंने से शेष दुकानों को विभागीय अमले ने संभाल लिया है। यदि टेंडर मेंं ये दुकाने नहीं जाती है तो छत्तीसगढ़ की तर्ज पर आबकारी विभाग इनका संचालन करवाएगा।

प्रदेश में बारहवे चरण में हुए टैंडरों में 193 दुकानों के लिए 1216 करोड़ 3 लाख रुपए के आफर आए जो आरक्षित मूल्य के तीस प्रतिशत से कम पर आए है। अभी तक 3099 शराब दुकानों के लिए 16637 करोड़ 85 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हो गया है जो विगत वर्ष के वार्षिक मूल्य 12404 करोड़ 73 लाख रुपए से 3.13 प्रतिशत अधिक और आरक्षित मूल्य 1643.94 करोड़ से 1.23 प्रतिशत अधिक है। 454 दुकानों के आॅफर आरक्षित मूल्य से तीस प्रतिशत से नीचे होंने के कारण होल्ड पर रखे गए है। समिति ने निर्णय लिया है कि तीस प्रतिशत से कम के आफर स्वीकार नहीं किए जाए। तेरहवे चरण में इन शेष दुकानों के लिए फिर ई टेंडर से चार अप्रैल को प्रस्ताव बुलाए गए है।

मदिरा दुकान के निष्पादन के लिए गठित मंत्रिमंडल उप समिति के सदस्य मंत्री राव उदयप्रताप सिंह के सुझाव के आधार पर तीस प्रतिशत से नीचे के आफर वाली दुकानों को एक निगम गठित कर विभागीय स्तर पर चलाने पर विचार किया जाएगा। इसके लिए आबकारी विभाग अपने अधिकारियों का एक दल छत्तीसगढ़ भेज रहा है यह दल वहां विभाग द्वारा संचालित की जा रही दुकानों को देखेगा और उसी फार्मूले पर मध्यप्रदेश में भी शेष शराब दुकानों के संचालन की कार्यवाही की जाएगी।