
खदानों की अधिकतम बोली लगने पर आगे कार्यवाही कराने बनी 7 अफसरों की टीम
भोपाल: खनिज विभाग ने प्रदेशभर में अलग-अलग खनिजों की खदानों में खनन पट्टों की नीलामी के दौरान अधिकतम बोली लगाने वाले बोलीदार से आगे के प्रत्येक चरण की कार्यवाही पूरी कराने के लिए सात अफसरों की टीम बना दी है। ऐसे में अब बोलीदार से राशि समय पर जमा कराई जा सकेगी। ऐसा न होने पर सुरक्षा निधि राजसात करते हुए अन्य निकटतम प्रतिद्वंदी को खनन पट्टा आबंटन की कार्यवाही की जाएगी।
राज्य सरकार ने खनिज नीलामी के प्रावधानों के अनुसार खनन लाइसेंस जारी करने से पहले नीलाम किए गए खनिज ब्लॉक के पट्टे के निष्पादन हेतु अधिमानी बोलीदाता के लिए प्रत्येक चरण हेतु अनुसूची छह और सात में दर्शाए अनुसार कार्यवाही पूरी कराने के लिए तय समयसीमा में काम कराने के लिए सात अफसरों की समिति गठित कर दी है। संचालक खनिज इस समिति के अध्यक्ष होंगे। इसके अलावा क्षेत्रीय खान नियंत्रण भारतीय खान ब्यूरो जबलपुर, राजस्व विभाग द्वारा नामांकित अधिकारी, वन विभाग द्वारा नामांकित अधिकारी, पर्यावरण विभाग द्वारा नामांकित अधिकारी, वित्त विभाग द्वारा नामांकित अधिकारी इसके सदस्य होंगे। वहीं प्रभारी अधिकारी आक्शन संचालनालय खनिज इसके सदस्य सचिव होंगे।
अधिकारियों की यह समिति खनिज पट्टे के लिए जारी की जाने वाली अनुमति की कार्यवाही समयसीमा में पूर्ण कराने की कार्यवाही करेगी। इसके लिए अनुसूची छह और सात में दर्शाई समयसीमा के अनुपालन की समीक्षा करेगी। विभिन्न चरणों की कार्यवाही पूरे करने के लिए समयसीमा के पालन में देरी या गैर अनुपालन के मामले में बोली लगाने वाले को सुनवाई का उचित अवसर देने के बाद इस बारे में समिति तय करेगी कि यथास्थिति या देरी या गैर अनुपालन में अधिकतम बोली लगाने वाले या सफल बोली लगाने वाले के कारण हुआ है।
समिति यदि यह पाती है कि ऐसी देरी या गैर अनुपालन, यथास्थिति, अधिकतम बोली लगाने वाले या सफल बोली लगाने वाले के कारण हुआ है तो वहां राज्य सरकार निष्पादन प्रतिभूति का ऐसा प्रतिशत विनियोजित करेगी। खनिज नीलामी के दूसरे संशोधन नियम में वर्णित प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही करेगी।





