
भीषण गर्मी से निपटने के लिए अनोखा प्रयोग: खरगोन-बड़वानी में ट्रांसफार्मरों पर लगाए जा रहे कूलर
खरगोन/बड़वानी: मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब बिजली व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। मध्य प्रदेश के खरगोन और बड़वानी जिलों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से बिजली की मांग में तेजी आई है। बढ़ते लोड के कारण ट्रांसफार्मरों का तापमान 60 से 70 डिग्री तक पहुंच रहा है, जिससे फॉल्ट और ब्लास्ट का खतरा भी बढ़ गया है। इस स्थिति से निपटने के लिए बिजली विभाग ने एक अनोखा उपाय अपनाया है—सब-स्टेशनों पर ट्रांसफार्मरों को ठंडा रखने के लिए कूलर और पंखे लगाए जा रहे हैं।

बिजली वितरण कंपनी ने हाई लोड वाले ट्रांसफार्मरों और प्रमुख ग्रिड पर विशेष रूप से कूलिंग की व्यवस्था शुरू की है, ताकि उपकरणों का तापमान नियंत्रित रखा जा सके और आपूर्ति बाधित न हो। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रयोग पिछले तीन वर्षों से किया जा रहा है और हर साल तापमान 43 डिग्री के पार जाते ही इसे लागू कर दिया जाता है।
इसी बीच, खरगोन शहर के घनी आबादी वाले मोतीपुरा क्षेत्र में सोमवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। रात करीब 12:30 बजे चार रास्ता क्षेत्र स्थित एक विद्युत ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें करीब 20 फीट तक उठती दिखाई दीं और जोरदार धमाकों के साथ ट्रांसफार्मर फट गया। धमाकों की आवाज से आसपास के लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए।
घटना की सूचना मिलते ही एहतियात के तौर पर बिजली सप्लाई तुरंत बंद कर दी गई, लेकिन तब तक ट्रांसफार्मर पूरी तरह जल चुका था। नगर पालिका की फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे सैकड़ों परिवारों को भीषण गर्मी के बीच रात अंधेरे में बितानी पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की शुरुआत ट्रांसफार्मर की वायरिंग से हुई, जो तेजी से ऑयल तक पहुंच गई और फिर एक के बाद एक विस्फोट होने लगे।

बिजली विभाग ने रात में ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। सहायक यंत्री डीएन मालवीय ने बताया कि क्षतिग्रस्त केबल लाइन को सुधारते हुए नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया और मंगलवार सुबह तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
उधर, बड़वानी जिले में भी तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। अप्रैल माह में ही मई-जून जैसी गर्मी पड़ने से सब-स्टेशनों पर ट्रांसफार्मर बार-बार ट्रिप हो रहे हैं।
बिजली विभाग के अधिकारी जनक गंगराड़े ने बताया कि किसानों द्वारा मूंग की फसल की सिंचाई के कारण बिजली का लोड बढ़ा है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के सब-स्टेशनों पर भी कूलर लगाए गए हैं, ताकि निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रयोग से ट्रांसफार्मरों को ओवरहीटिंग से बचाने में मदद मिल रही है और उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है।





