इंदौर संभाग में हीट स्ट्रोक क्लीनिक शुरू, अस्पतालों में विशेष इंतजाम, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े के निर्देश पर जिलों में त्वरित कार्रवाई

हीट स्ट्रोक मरीजों के लिए आरक्षित बेड, दवाइयां, ओआरएस कॉर्नर एवं विशेष उपचार व्यवस्था, लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की विस्तृत एडवाइजरी

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इंदौर संभाग में हीट स्ट्रोक क्लीनिक शुरू, अस्पतालों में विशेष इंतजाम, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े के निर्देश पर जिलों में त्वरित कार्रवाई

इंदौर:  बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े द्वारा विगत दिवस आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में संभाग के सभी जिला कलेक्टर्स को जिला एवं सिविल अस्पतालों में हीट स्ट्रोक क्लीनिक प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए थे। उक्त निर्देशों के परिपालन में इंदौर संभाग के विभिन्न जिलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

इंदौर संभाग के जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में हीट स्ट्रोक एवं लू से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु विशेष बेड आरक्षित किए गए हैं। साथ ही आवश्यक दवाइयों, ओआरएस, कूलर, पंखे तथा अन्य चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि आमजन को गर्मी के मौसम में त्वरित एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

बुरहानपुर जिले में जिला अस्पताल सहित शाहपुर, खकनार, नेपानगर एवं लालबाग स्थित स्वास्थ्य केन्द्रों में हीट स्ट्रोक क्लीनिक प्रारंभ किए गए हैं। यहां ओआरएस कॉर्नर, कूलर, पंखे एवं विशेष बेड की व्यवस्था की गई है। साथ ही लू अथवा तापघात से प्रभावित मरीजों के लिए 108 एम्बुलेंस की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

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आलीराजपुर जिले में जिला अस्पताल के प्रत्येक वार्ड में दो-दो बेड आरक्षित किए गए हैं। यहां एचआई क्लीनिक स्थापित कर एमडी चिकित्सकों द्वारा मरीजों का उपचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की है।

झाबुआ जिले में जिला अस्पताल के एचआरआई वार्ड में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु 5 बेड आरक्षित किए गए हैं। उपचार के लिए आवश्यक दवाइयों एवं चिकित्सा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

खंडवा जिले में जिला अस्पताल के साथ-साथ सभी सिविल अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है। सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में लू एवं तापघात के उपचार हेतु आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

संभाग के धार, बड़वानी, खरगोन, इंदौर में भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्मी एवं लू से बचाव के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आमजन को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां अपनाने एवं समय पर उपचार लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि अत्यधिक गर्मी के कारण सनबर्न, हीट क्रैम्प, हीट एक्सॉशन तथा हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। लू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर आना, कमजोरी, उल्टी, त्वचा का अत्यधिक गर्म एवं शुष्क होना, मांसपेशियों में ऐंठन तथा बेहोशी जैसी स्थिति शामिल हैं।

लू से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी, छाछ, ओआरएस, लस्सी एवं नींबू पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचने, हल्के रंग के सूती वस्त्र पहनने तथा सिर को कपड़े, टोपी अथवा छाते से ढककर रखने की अपील की गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि लू अथवा तापघात के लक्षण दिखाई देने पर प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार एवं ठंडे स्थान पर ले जाएं, ठंडे पानी से शरीर को पोंछें तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र अथवा 108 एम्बुलेंस सेवा से संपर्क करें। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से जारी एडवाइजरी का पालन करते हुए स्वयं एवं अपने परिवार को गर्मी और लू के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखने की अपील की है।

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