मौतों का यह सिलसिला कब तक चलेगा…

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मौतों का यह सिलसिला कब तक चलेगा…

कौशल किशोर चतुर्वेदी

पटाखा फैक्ट्रियों में हादसों की खबर कोई नई नहीं है। समय समय पर हादसे होते रहते हैं और वीभत्स मौतों का तांडव मन को भीतर तक भेदता रहता है। फैक्ट्री मालिक गिरफ्तार होते हैं और समय बीतने के साथ-साथ घटना मन-मस्तिष्क से ओझल हो जाती है। और उस घटना की याद दिलाने के लिए फिर एक हादसा सामने आता है। देवास की पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे ने देवास में ही दो साल पहले हुई घटना और हरदा जिले में हुई पटाखा फैक्ट्री में हृदय विदारक घटना की याद ताजा कर दी है। मुआवजों के साथ ही मृतक और ऐसे हादसों का अंतिम संस्कार हो जाता है। न तो इनसे कोई सीख ली जाती है और न ही सबक। अंततः मौतों का यह सिलसिला जारी रहता है। पर सवाल यही है कि मौतों का यह सिलसिला कब तक जारी रहेगा।

मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंक कलां इलाके में 14 फरवरी 2026 सुबह करीब 11:30 बजे पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। हादसे में धीरज, सनी और सुमित नाम के 3 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। ब्लास्ट इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। विस्फोट में फैक्ट्री की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री को सील कर दिया। वहीं, पुलिस ने फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय को हिरासत में ले लिया है। 12 घायल देवास जिला अस्पताल में भर्ती हैं, जिनकी हालत ठीक है। करीब 6 लोग देवास के अमलतास अस्पताल में भर्ती हैं। इंदौर के एमवाय अस्पताल में 3 और चोइथराम में 4 घायलों का इलाज चल रहा है। हादसे के बाद सोशल मीडिया पर बीजेपी सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी और फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय की तस्वीर वायरल हो रही है। सोलंकी फैक्ट्री मालिक का मुंह मीठा करा रहे हैं। घटना के बाद ग्रामीणों ने कमिश्नर का घेराव कर आरोप लगाया कि अवैध फैक्ट्री के खिलाफ पहले कोई कार्रवाई नहीं हुई। फैक्ट्री में करीब 400 से 500 लोग काम करते हैं। पुरुष मजदूरों को 400 रुपए और महिला मजदूरों को 250 रुपए मजदूरी दी जाती थी। भुगतान हर हफ्ते किया जाता था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर दुख जताया। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा समेत वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर जांच के निर्देश दिए। सरकार ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की। यहाँ मार्च 2026 में भी विस्फोट हुआ था। स्थानीय लोगों ने फैक्ट्री को लेकर पहले भी प्रशासन से शिकायत की थी। लोगों ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी और विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल पर चिंता जताई थी। पर शिकायतों के बावजूद समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

दो साल पहले हरदा शहर 6 फरवरी 2024 को पटाखा फैक्ट्री में लगी आग और उसके बाद उसमें हुए विस्फोट का साक्षी बना था। हादसा इतना भयावह था कि पांच किलोमीटर के इलाक़े में मकानों की खिड़कियों के कांच टूट-टूट कर गिरने लगे थे। विस्फोट में 11 लोगों की मौत हो गई थी और 174 घायल हो गए थे। पटाखा फैक्ट्री के मालिक राजेश अग्रवाल को रायगढ़ के सारनपुर से गिरफ़्तार किया गया था। विस्फोट इतना भयावह था कि पूरे इलाक़े में दूर-दूर तक मकानों को नुक़सान पहुंचा था और उनका मलबा सड़कों पर बिखर गया था।

देवास में ही मई 2024 में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था। इससे पहले भी मुरैना, पैटलावाद, दतिया सहित अलग-अलग जगह इसी तरह पटाखा फैक्ट्रियों में आग और भयावह मौतों का सिलसिला दर्ज होता रहा है। कार्रवाई भी होती है लेकिन दुख इस बात का होता है कि हर दुर्घटना के बाद कार्रवाई कर सरकार अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेती है। पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों की बड़ी गाइडलाइन है। और ज्यादातर जिन फैक्ट्रियों में विस्फोट होता है उन्हें अवैध करार भी दिया जाता है। लेकिन दुर्घटना के पहले तक शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो पाती है। और अंततः यही सवाल हमेशा जिंदा रहता है कि मौतों का सिलसिला कब तक चलता रहेगा… और जिम्मेदार कब तक अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते रहेंगे…।

 

 

लेखक के बारे में –

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।