चर्चित रेप केस में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: आसाराम की उम्रकैद की सज़ा बरकरार, 2 सह-आरोपी बरी

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चर्चित रेप केस में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: आसाराम की उम्रकैद की सज़ा बरकरार, 2 सह-आरोपी बरी

जयपुर: आसाराम से जुड़े 2013 के चर्चित रेप केस में राजस्थान हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए उसकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है. कोर्ट ने मामले में दोषी ठहराए गए आसाराम को राहत देने से इनकार कर दिया. हालांकि इस केस में सह-आरोपी रहे शिल्पी संचित और शरद चंद्र को अदालत ने बरी कर दिया.

शिल्पी संचित छिंदवाड़ा आश्रम की हॉस्टल वार्डन थी और छात्रावास की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालती थी. आरोप था कि वही पीड़िता को आसाराम तक लेकर पहुंची थी. वहीं शरद चंद्र आश्रम के हॉस्टल डायरेक्टर के रूप में कार्यरत था.

फैसले से जुड़े मुख्य बिंदु:

सजा बरकरार: हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को सही ठहराया है।

आरोप घटे: कोर्ट ने माना कि गैंगरेप और आपराधिक साजिश के आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं थे, इसलिए इन धाराओं से उन्हें राहत दी गई है।

सह-आरोपी बरी: इसी मामले के सह-आरोपियों (शिल्पी और शरतचंद्र) को अदालत ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है।