एसटीएफ ने भोपाल में पकड़ी कफ सिरप बनाने वाली अवैध फैक्ट्री,डेढ़ करोड़ लागत की लाखों शीशियां बरामद

कोडीन जैसे नशीले पदार्थ का करते थे इस्तेमाल,कई लोग पुलिस की गिरफ्त में

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एसटीएफ ने भोपाल में पकड़ी कफ सिरप बनाने वाली अवैध फैक्ट्री,डेढ़ करोड़ लागत की लाखों शीशियां बरामद

भोपाल: भोपाल के गांधी नगर इलाके में चल रही एक अवैध कफ सिरप फैक्ट्री पर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई की है। एसटीएफ की टीम ने पटेल सिटी स्थित एक परिसर में लंबे समय से संचालित हो रही इस अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए लाखों की तादाद में प्रतिबंधित कफ सिरप की शीशियां बरामद की हैं। बाजार में इन नशीली सिरप की कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपये आंकी गई है।

गुप्त सूचना पर एसटीएफ की दबिश
मिली जानकारी के अनुसार, एसटीएफ को लंबे समय से भोपाल में नशीली दवाओं के अवैध निर्माण और उनकी आपूर्ति को लेकर इनपुट मिल रहे थे। इसी कड़ी में गांधी नगर के पटेल सिटी इलाके में स्थित एक संदिग्ध स्थान पर एसटीएफ ने गुरुवार-शुक्रवार की दरमियान रात अचानक छापा मारा।

तलाशी के दौरान वहां बड़ी संख्या में कफ सिरप की बोतलें और निर्माण में उपयोग होने वाला कच्चा माल, सिरप बनाने वाली मशीने बरामद हुई हैं। यहां से कुछ कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। छापे की कार्रवाई रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक चलती रही।

कोडीन का घातक मिश्रण
छापे के दौरान फैक्ट्री से भारी मात्रा में कोडीन नामक नशीला पदार्थ बरामद किया गया है। कोडीन एक प्रकार का ओपिओइड है, जिसका उपयोग कफ सिरप में नशीले तत्व के रूप में किया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बिना डॉक्टर की सलाह के कोडीन युक्त सिरप का सेवन युवाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक हो सकता है। यह शरीर में गंभीर लत पैदा करने के साथ ही मानसिक और शारीरिक नुकसान का कारण बनता है।

एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
एसटीएफ ने मौके से फैक्ट्री में काम कर रहे कुछ कर्मचारियों को हिरासत में लिया है, जिनसे फिलहाल पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह अवैध धंधा लंबे अरसे से चोरी-छिपे चल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फैक्ट्री संचालक की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन नशीली सिरप की सप्लाई किन-किन क्षेत्रों में की जा रही थी और इसके तार किन बड़े तस्करों से जुड़े हैं। कोडीन जैसा नशीला पदार्थ कहां से इन्हें उपलब्ध हुआ, इसका भी पता लगाकर उन तक पहुंचने का काम एसटीएफ करेगी।