प्रदेश भाजपा कार्यसमिति का गठन दो चरणों में, रणनीति से साधा जाएगा संगठन संतुलन

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प्रदेश भाजपा कार्यसमिति का गठन दो चरणों में, रणनीति से साधा जाएगा संगठन संतुलन

भोपाल:  प्रदेश भाजपा अपनी प्रदेश कार्यसमिति का गठन दो चरणों में करेगी। संगठनात्मक दबावों को नियंत्रित करने के लिए पार्टी ने यह नई रणनीति अपनाई है, जिसके तहत पहले चरण में केवल 106 कार्यसमिति सदस्यों के नामों की घोषणा की जाएगी। जबकि दूसरे चरण में करीब 50 नेताओं को साधा जाएगा।

कार्यसमिति सदस्यों की घोषणा जून के प्रथम सप्ताह में होने की संभावना हैं। जबकि इसका दूसरा पार्ट जून के दूसरे पखवाड़े में घोषित किया जा सकता है।

*दबाव प्रबंधन की रणनीति* 

कार्यसमिति में स्थान पाने के लिए पार्टी के भीतर दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है। प्रदेश भाजपा के सभी बड़े नेताओं ने अपने समर्थकों के नाम इसमें शामिल होने के लिए संगठन को दिए थे। इनमें से अब महज 106 को ही इसमें जगह दी जा रही है। इस दबाव को संतुलित करने के लिए नेतृत्व ने दो चरणों का फार्मूला अपनाया है। पहले चरण में सीमित कार्यसमिति सदस्यों को नियुक्त करने के बाद, बाद में स्थायी और विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची जारी की जाएगी। इन दोनों सूचियों में करीब 50 नेताओं को जगह दी जाएगी। इससे वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी और दबाव को भी चरणबद्ध तरीके से संभाला जाएगा।

*दिल्ली में बनी रणनीति*

इस पूरी कवायद को हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की दिल्ली यात्रा से जोड़कर देखा जा रहा है। खंडेलवाल ने हाल ही में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मुलाकात की थी। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में हुई इस बैठक में कार्यसमिति को टू फेस में जारी करने का तय किया गया।

*नहीं हो पा रहे सभी नेताओं के लोग एडजस्ट* 

कम संख्या में कार्यसमिति सदस्य बनाए जाने के कारण प्रदेश भाजपा के दिग्गज नेता जिसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्यातिरादित्य सिंधिया सहित अन्य नेताओं ने जितनी संख्या में नाम अपने समर्थकों के दिए वे सभी एडजस्ट नहीं हो पा रहे हैं। कार्यसमिति सदस्य बनाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन के बाकी के महत्वपूर्ण पदाधिकारियों ने सभी नेताओं से बात की, उनसे नाम भी लिए और उन्हें यह भी बताया कि इस बार समिति संख्या में कार्यसमिति में जगह दी जाएगी।

*जंबो कार्यसमिति बनती रही* 

इस बार ही पार्टी ने यह तय किया है कि हमेशा कि तहर जंबो कार्यसमिति नहीं बनाई जाएगी। वीडी शर्मा जब अध्यक्ष थे, तब उनके कार्यकाल में 403 की जंबो कार्यसमिति थी। इसमें कार्यसमिति सदस्यों के साथ ही स्थायी आमंत्रित और विशेष आमंत्रित सदस्य भी शामिल थे। इसमे सभी नेताओं के समर्थकों को एडजस्ट किया गया था। इसे देखते हुए इस बार भी पार्टी नेताओं को लग रहा था कि भारी भरकम समिति बनाई जाएगी, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने इस बार छोटी कार्यसमिति बनाने का तय कर दिया।