
प्रेम संबंधों के शक में पत्नी को तेजाब फेंक कर मारने पर पति गिरफ्तार
बड़वानी: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के राजपुर थाना क्षेत्र में एक महिला की तेजाब हमले में मौत और उसके दो मासूम बच्चों के झुलसने के मामले में पुलिस ने रविवार को महिला के पति को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अपनी पत्नी के कथित प्रेम संबंधों से नाराज था और उसका चेहरा तेजाब से बिगाड़कर तथा पैर तोड़कर उसे हमेशा के लिए अपंग बनाना चाहता था ताकि वह अपने प्रेमी से ना मिल पाए.
बड़वानी के पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने बताया कि सालखेड़ा गांव निवासी 31 वर्षीय विजय चौहान को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। शुरुआती जांच में घटना को खेत पर सो रहे परिवार के ऊपर एसिड गिरने से हुआ हादसा बताया गया था, लेकिन पुलिस जांच में मामला सुनियोजित हमले का निकला।
पुलिस के अनुसार, विजय का पिछले करीब दो महीने से पत्नी के कथित अवैध संबंधों को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद बढ़ने पर महिला अपने दोनों बच्चों के साथ मायके चली गई थी। कुछ दिन बाद विजय को दोनों बच्चों की याद आई और वह उन्हें देखने ससुराल पहुंचा और पत्नी के परिजनों द्वारा उसे दूसरे व्यक्ति से संपर्क नहीं रखने का भरोसा दिलाए जाने के बाद पत्नी और बच्चों को वापस ले आया।
हालांकि घर लौटने के बाद भी पति-पत्नी के बीच तनाव समाप्त नहीं हुआ। पुलिस के मुताबिक इसी दौरान विजय ने पत्नी को सबक सिखाने की योजना बनाई। उसने बताया कि वह पत्नी का चेहरा बिगाड़ना और उसके पैर तोड़ना चाहता था ताकि वह दोबारा उस व्यक्ति से नहीं मिल सके।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी परिवार को अपने गांव ले जाने के बजाय मोहनपुरा-इंद्रपुर स्थित खेत के एक सुनसान फार्महाउस पर ले गया। गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद विजय ने ग्लव्स पहनकर पत्नी पर लोहे की रॉड से हमला किया और फिर पानी बताकर उसे तेजाब से भरा गिलास दिया।
जब महिला को संदेह हुआ और उसने तेजाब थूक दिया, तब आरोपी ने उसके चेहरे, सीने और शरीर के अन्य हिस्सों पर तेजाब फेंक दिया। इस दौरान तेजाब के छींटे छह वर्षीय पुत्र अथर्व और चार वर्षीय पुत्री शिवानी पर भी पड़े, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस के अनुसार, हमले के बाद जब महिला ने भागने की कोशिश की तो आरोपी ने उस पर लोहे की रॉड से फिर हमला किया और उसकी चोटी भी काट दी।
जांच के दौरान आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। उसने दावा किया था कि ड्रिप सिंचाई पाइपों की सफाई के लिए रखा गया एसिड किसी बिल्ली या चूहे द्वारा कंटेनर गिरा दिए जाने से उसकी पत्नी पर फैल गया था। लेकिन पोस्टमार्टम के दौरान उसकी अनुपस्थिति और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को उस पर संदेह हुआ। बाद में पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया।
महिला की उपचार के लिए रेफर किए जाने के दौरान मौत हो गई, जबकि दोनों बच्चों का इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है.





